डेस्क – पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में 17-17 साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। यह फैसला रावलपिंडी की अदियाला जेल में विशेष अदालत ने सुनाया। दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इमरान खान पहले से ही जेल में बंद हैं और अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
क्या है तोशाखाना-2 मामला
तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का वह विभाग है जहां विदेशी मेहमानों से मिले उपहार रखे जाते हैं। नियम के अनुसार, प्रधानमंत्री या अन्य अधिकारी इन उपहारों को कम कीमत पर खरीद सकते हैं, लेकिन उन्हें सही तरीके से घोषित करना होता है। इस मामले में आरोप है कि इमरान खान ने अपने प्रधानमंत्री रहते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से मिले कीमती उपहारों, जैसे बुल्गारी ज्वेलरी सेट और लग्जरी घड़ियां, को बहुत कम कीमत पर खरीदा। इनकी असली कीमत करोड़ों रुपये थी, लेकिन इन्हें नियमों को तोड़कर सस्ते में हासिल किया गया। इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। यह तोशाखाना का दूसरा मामला है, इसलिए इसे तोशाखाना-2 कहा जा रहा है। पहला मामला पहले ही चल चुका है।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
विशेष जज शाहरुख अरजुमंद ने 20 दिसंबर 2025 को अदियाला जेल में सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। इमरान खान और बुशरा बीबी दोनों कोषी ठहराए गए।
. दोनों को 10 साल की सजा पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत।
. अतिरिक्त 7 साल की सजा भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत।
. कुल 17 साल की कठोर कैद।
. दोनों पर 16.4 मिलियन पाकिस्तानी रुपये (लगभग 5 करोड़ भारतीय रुपये) का जुर्माना।
. जुर्माना न भरने पर सजा और बढ़ जाएगी।
अदालत ने कहा कि इमरान खान की उम्र (73 साल) और बुशरा बीबी के महिला होने की वजह से सजा में कुछ नरमी बरती गई है।
इमरान खान की कानूनी लड़ाई का इतिहास
इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से उन्हें हटाया गया। उसके बाद से उनके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हुए हैं। अगस्त 2023 से वे अदियाला जेल में बंद हैं।
. पहले तोशाखाना मामले में इमरान को 14 साल और बुशरा को 7 साल की सजा मिली थी, लेकिन बाद में अपील पर इसे निलंबित कर दिया गया।
. अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भी सजाएं हुईं।
. अब यह नया फैसला उनके लिए बड़ा झटका है।
इमरान खान के वकीलों का कहना है कि अदालत ने बचाव पक्ष की बात सुने बिना फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, “यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।”
PTI पार्टी और समर्थकों की प्रतिक्रिया
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया। पार्टी ने कहा कि यह केस झूठा है और वे हाई कोर्ट में अपील करेंगे। PTI का मानना है कि मौजूदा सरकार और सेना इमरान को राजनीति से बाहर रखना चाहते हैं। समर्थकों में गुस्सा है। कई जगहों पर प्रदर्शन हो सकते हैं। इमरान के बेटों ने भी जेल में उनके साथ बुरे बर्ताव की शिकायत की है।
पाकिस्तान की राजनीति पर असर
यह फैसला पाकिस्तान की राजनीति को और उलझा सकता है। इमरान खान अभी भी बहुत लोकप्रिय हैं। उनकी पार्टी PTI पिछले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है। इस सजा से PTI की चुनावी तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। देश में पहले से ही आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता है। ऐसे में यह फैसला नई बहस छेड़ सकता है। कुछ लोग कहते हैं कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई है, जबकि दूसरे इसे लोकतंत्र पर हमला मानते हैं।
निष्कर्ष :
इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा एक बड़ा फैसला है, जो पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था और राजनीति दोनों को प्रभावित करेगा। इमरान खान ने हमेशा खुद को भ्रष्टाचार विरोधी नेता बताया है, लेकिन अब कई मामलों में सजाएं हो चुकी हैं। अपील का रास्ता अभी खुला है, इसलिए अंतिम फैसला आने में समय लगेगा। यह मामला दिखाता है कि पाकिस्तान में सत्ता और विपक्ष के बीच संघर्ष कितना गहरा है। आम लोगों को उम्मीद है कि न्याय निष्पक्ष हो और देश स्थिर रहे। आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।



