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आज से शुरू हो रहा है भारत का पहला ग्लोबल AI सम्मेलन, सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन भी होंगे शामिल

AI Impact Summit: कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश का पहला ग्लोबल AI इंपैक्ट समिट 2026 आज यानी 16 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह महत्वाकांक्षी सम्मेलन पूरे पांच दिनों तक चलेगा और इसमें दुनियाभर की बड़ी AI कंपनियों, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के दिग्गजों की भागीदारी होगी। इस ऐतिहासिक आयोजन में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन जैसी बड़ी हस्तियां भी शामिल होंगी। आइए जानते हैं इस सम्मेलन से जुड़ी हर अहम जानकारी।

क्या है AI इंपैक्ट समिट 2026

AI Impact Summit 2026
AI Impact Summit 2026

AI इंपैक्ट समिट 2026 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो देश को वैश्विक AI परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह सम्मेलन 16 फरवरी से लेकर 20 फरवरी तक चलेगा। हालांकि इन पांच दिनों में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, लेकिन मुख्य AI समिट का आयोजन 19 और 20 फरवरी को होगा।

इस दौरान विभिन्न सत्र, प्रदर्शनियां और पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें AI की नीतियों से लेकर व्यावहारिक उपयोग तक हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श होगा। यह सम्मेलन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

कौन-कौन होंगे शामिल

इस वैश्विक सम्मेलन में टेक दुनिया के कई बड़े नाम शामिल होंगे। सबसे बड़ी खबर यह है कि गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई और चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन की भागीदारी की पुष्टि हो चुकी है। ये दोनों ही वैश्विक AI क्रांति के अग्रदूत माने जाते हैं।

इनके अलावा दुनियाभर की अन्य प्रमुख टेक कंपनियों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, शोधकर्ता, स्टार्टअप संस्थापक और उद्योग विशेषज्ञ भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। विभिन्न देशों की सरकारों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे जो AI से जुड़ी नीतियों और नियमों पर चर्चा करेंगे।

भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा जब वे अपने समाधान वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर सकेंगे। निवेशक भी इस मंच पर उपस्थित रहेंगे जो नए अवसरों की तलाश में रहेंगे।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन

अगर आप इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रतिभागी के रूप में शामिल होना चाहते हैं तो आपको पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। अच्छी बात यह है कि यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निशुल्क है।

रजिस्ट्रेशन के लिए सबसे पहले आपको AI इंपैक्ट समिट 2026 की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आपको एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म मिलेगा जिसमें आपको अपनी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसमें आपका नाम, ईमेल पता, संपर्क नंबर और संगठन जैसी बुनियादी जानकारियां मांगी जाएंगी।

जानकारी भरने के बाद आपको एक डिजिटल फोटो अपलोड करनी होगी। यह फोटो पासपोर्ट साइज की होनी चाहिए और स्पष्ट होनी चाहिए। इसके बाद ईमेल सत्यापन की प्रक्रिया होगी जिसमें आपके ईमेल पर एक OTP भेजा जाएगा।

इस OTP को दर्ज करके आप अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आपको ईमेल के माध्यम से एक पुष्टिकरण संदेश और एक विशेष QR कोड मिलेगा। यह QR कोड बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के समय सुरक्षा कर्मी इसी को स्कैन करेंगे।

प्रवेश से जुड़ी खास बातें

हालांकि रजिस्ट्रेशन के बाद आपको प्रवेश मिल जाएगा, लेकिन कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। 19 फरवरी को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, उस दिन कुछ विशेष सत्रों में प्रतिभागियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

यह सुरक्षा कारणों से किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में सीमित संख्या में ही लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। इसलिए अगर आप किसी खास सत्र में जाना चाहते हैं तो पहले इसकी जानकारी जरूर ले लें।

अपना QR कोड अपने स्मार्टफोन में सुरक्षित रखें और कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते समय इसका प्रिंट आउट भी साथ रखें। पहचान पत्र भी साथ रखना न भूलें क्योंकि सुरक्षा जांच के समय इसकी आवश्यकता हो सकती है।

पांच दिनों का विस्तृत कार्यक्रम

इस सम्मेलन का शेड्यूल बेहद व्यापक और विविधतापूर्ण है। आइए दिन के हिसाब से जानते हैं कि किस दिन क्या होने वाला है।

16 फरवरी को पहले दिन मुख्य रूप से उद्घाटन कार्यक्रम और प्रारंभिक चर्चाएं होंगी। इस दिन प्रमुख वक्ताओं के संबोधन होंगे जो AI के महत्व और भविष्य पर प्रकाश डालेंगे। नीति आधारित पैनल चर्चाएं भी आयोजित की जाएंगी जिनमें विभिन्न देशों की AI नीतियों पर विचार-विमर्श होगा।

विशेषज्ञों की गोलमेज बैठकें भी होंगी जहां तकनीकी और नैतिक मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। इंडिया AI एक्सपो का भी उद्घाटन इसी दिन होगा जहां भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पाद और समाधान प्रदर्शित करेंगी।

17 फरवरी के दूसरे दिन का फोकस विभिन्न क्षेत्रों में AI के व्यावहारिक उपयोग पर होगा। स्वास्थ्य सेवाओं में AI कैसे क्रांति ला सकता है, इस पर विशेष सत्र होंगे। ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर चर्चा होगी।

शिक्षा में AI के उपयोग पर भी विस्तृत विचार-विमर्श होगा। कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग कैसे किसानों की मदद कर सकता है, यह भी एक प्रमुख विषय होगा। खास बात यह है कि सरकार इस दिन स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण और दिव्यांगजनों से संबंधित AI केसबुक लॉन्च करेगी।

18 फरवरी को तीसरे दिन शोध और व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शोध संगोष्ठी में दुनियाभर के शोधकर्ता अपने नवीनतम अध्ययन प्रस्तुत करेंगे। उद्योग सत्रों में वैश्विक तकनीकी दिग्गज, स्टार्टअप्स और क्षेत्र विशेषज्ञ अपने समाधान पेश करेंगे।

यह दिन खासतौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगा जो AI के तकनीकी पहलुओं में गहरी रुचि रखते हैं। नई तकनीकों और उनके अनुप्रयोगों पर विस्तृत प्रस्तुतियां होंगी।

19 फरवरी का दिन सबसे महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह AI समिट का आधिकारिक उद्घाटन दिवस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। उनका संबोधन AI के प्रति भारत सरकार की दृष्टि और योजनाओं को स्पष्ट करेगा।

इसके बाद वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और नीति निर्माताओं के साथ सीईओ गोलमेज सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें जिम्मेदार और भविष्योन्मुखी AI पर बातचीत होगी। यह सत्र बंद दरवाजों के पीछे होगा जहां केवल चुनिंदा लोग ही उपस्थित रह सकेंगे।

अंतिम दिन यानी 20 फरवरी को ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) के सदस्यों की परिषद बैठकें होंगी। इनमें जिम्मेदार और समावेशी AI पर बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। विभिन्न देशों के बीच साझेदारी और सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन

यह सम्मेलन भारत के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक है। पहली बार देश इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक AI चर्चा की मेजबानी कर रहा है। यह दर्शाता है कि भारत को अब तकनीकी शक्ति के रूप में वैश्विक मान्यता मिल रही है।

इस कार्यक्रम से भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और साझेदारों से जुड़ने का मौका मिलेगा। देश में AI अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा। नीति निर्माताओं को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने का अवसर मिलेगा।

साथ ही यह सम्मेलन भारत में AI उद्योग के विकास को तेज करेगा। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।

AI का भविष्य और भारत

कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब भविष्य की तकनीक नहीं रही, बल्कि यह वर्तमान की जरूरत बन चुकी है। स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा, कृषि से लेकर रक्षा तक, हर क्षेत्र में AI का उपयोग बढ़ रहा है। भारत के पास विशाल जनसंख्या, प्रतिभाशाली युवा और तेजी से बढ़ता डिजिटल बुनियादी ढांचा है।

इन सब कारकों को मिलाकर देश AI के क्षेत्र में विश्व नेता बन सकता है। यह सम्मेलन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहां होने वाली चर्चाएं और साझेदारियां भारत के AI भविष्य को आकार देंगी।

AI Impact Summit: निष्कर्ष

AI इंपैक्ट समिट 2026 सिर्फ एक सम्मेलन नहीं है, बल्कि यह भारत के तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाला एक मील का पत्थर है। अगले पांच दिनों में जो चर्चाएं और निर्णय होंगे, उनका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई देगा। अगर आप तकनीक के क्षेत्र से जुड़े हैं या AI में रुचि रखते हैं, तो इस कार्यक्रम को किसी भी सूरत में नहीं चूकना चाहिए।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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