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Jharkhand Mining News: झारखंड में अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, देवघर, चाईबासा और पलामू टॉप पर, 5 साल में जब्त हुए 24322 वाहन

25 सितंबर 2026
Jharkhand Mining News
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Jharkhand Mining News: झारखंड में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ राज्य सरकार का खनन विभाग पिछले पांच वर्षों से लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है, और इसके आंकड़े इस अभियान की गंभीरता को साफ दिखाते हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2022-23 से लेकर 2026-27 में जुलाई तक पूरे राज्य में कुल 24,322 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इस पूरी कार्रवाई में देवघर जिला सबसे आगे रहा है, जहां पांच वर्षों के दौरान 1,885 वाहन जब्त किए गए। दूसरे स्थान पर चाईबासा है, जहां 1,772 वाहनों पर कार्रवाई हुई, वहीं पलामू 1,714 वाहनों की जब्ती के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। खनिज लदे वाहनों की जांच के दौरान वैध परिवहन दस्तावेज, चालान और अन्य जरूरी कागजातों की पड़ताल की जाती है, और दस्तावेजों में गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन को जब्त कर लिया जाता है। यह कार्रवाई अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने और सरकार के वैध राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से लगातार जारी है।

पलामू में पांच वर्षों में जब्त हुए 1714 वाहन

खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पलामू जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के बीच जुलाई तक कुल 1,714 वाहन जब्त किए गए हैं, जिनमें ट्रक, हाइवा, ट्रैक्टर समेत खनिज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले अन्य वाहन भी शामिल हैं। इस पूरी अवधि के दौरान जिले में जब्ती के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जो हर साल की कार्रवाई की तीव्रता में अंतर को दर्शाता है। इन आंकड़ों के साथ पलामू राज्य में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के मामले में तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

2024-25 में पलामू में हुई सबसे ज्यादा जब्ती

पलामू के वर्षवार आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले में 339 वाहन जब्त किए गए थे, जबकि 2023-24 में यह संख्या घटकर 239 रह गई। इसके बाद 2024-25 में जब्ती के आंकड़ों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला, जब जिले में कुल 517 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जो पांचों वर्षों में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या फिर से घटकर 436 पर आ गई, वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक महज चार महीनों में ही 183 वाहन जब्त किए जा चुके हैं।

वित्तीय वर्षपलामू में जब्त वाहन
2022-23339
2023-24239
2024-25517
2025-26436
2026-27 (जुलाई तक)183
कुल1,714

राज्यभर में पांच साल में जब्त हुए 24322 वाहन

झारखंड में अवैध खनिज परिवहन और खनन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई का दायरा राज्यव्यापी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 में जुलाई तक पूरे राज्य में कुल 24,322 वाहनों को जब्त किया गया है। वर्ष 2022-23 में राज्य में 6,292 वाहन जब्त किए गए थे, जो पांचों वर्षों में सबसे अधिक आंकड़ा है। इसके बाद 2023-24 में यह संख्या घटकर 5,632 रह गई, वहीं 2024-25 में मामूली बढ़ोतरी के साथ 5,794 वाहनों पर कार्रवाई हुई। 2025-26 में यह आंकड़ा फिर घटकर 5,162 पर आ गया, जबकि 2026-27 में अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यभर में 1,442 वाहन जब्त किए गए, हालांकि यह केवल चार महीने का आंकड़ा होने के कारण इसकी तुलना पूरे वित्तीय वर्षों से सीधे करना उचित नहीं होगा।

वैध दस्तावेज न होने पर होती है वाहनों की जब्ती

खनिज लदे वाहनों की जांच के दौरान अधिकृत अधिकारी वैध परिवहन दस्तावेज, चालान और अन्य जरूरी कागजातों की गहनता से पड़ताल करते हैं। इस जांच के दौरान अगर दस्तावेजों में किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है, या अवैध खनिज परिवहन तथा खनन नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आता है, तो संबंधित वाहन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है। विभाग की इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाना, खनन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और सरकार के वैध राजस्व की सुरक्षा करना है।

चाईबासा में एक ही साल में जब्त हुए 1159 वाहन

जिलेवार आंकड़ों में एक दिलचस्प बात यह सामने आई है कि कुछ जिलों में किसी एक वित्तीय वर्ष के दौरान जब्ती के आंकड़ों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। चाईबासा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अकेले 1,159 वाहन जब्त किए गए, जो जिले के पांच वर्षों के कुल 1,772 वाहनों की जब्ती में सबसे बड़ा हिस्सा है। इसी तरह देवघर में पांच वर्षों के दौरान कुल 1,885 वाहन जब्त हुए, जबकि धनबाद में 1,571, कोडरमा में 1,478 और हजारीबाग में 1,381 वाहनों पर कार्रवाई की गई।

सिमडेगा में सबसे कम हुई वाहनों की जब्ती

राज्य के जिलेवार आंकड़ों में सबसे कम जब्ती सिमडेगा जिले में दर्ज की गई है, जहां पांच वर्षों के दौरान कुल 488 वाहन ही जब्त किए गए। इसके बाद गुमला में 507 और सरायकेला-खरसावां में 537 वाहनों पर कार्रवाई हुई। विभागीय जानकारी के अनुसार अलग-अलग जिलों में जब्ती के आंकड़ों में यह अंतर खनिज गतिविधियों, परिवहन मार्गों और विभागीय जांच अभियान के स्तर में भिन्नता के कारण हो सकता है, हालांकि उपलब्ध आंकड़ों से इन कारणों के अलग-अलग प्रभाव का सटीक आकलन नहीं किया जा सकता।

झारखंड के सभी जिलों की पूरी सूची

राज्य के सभी 24 जिलों में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा नीचे तालिका में दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है कि कौन सा जिला किस स्थान पर है।

जिला2022-232023-242024-252025-262026-27 (जुलाई तक)कुल
देवघर550552481245571,885
चाईबासा1131262241,1591501,772
पलामू3392395174361831,714
धनबाद5995001851751121,571
कोडरमा383458304249841,478
हजारीबाग346520316159401,381
पाकुड़318207338338521,253
चतरा265230311351891,246
गिरिडीह2292983322331151,207
रांची27928948910151,163
गढ़वा37917720217347978
गोड्डा3982351209926878
बोकारो23422019012768839
जमशेदपुर12213920019373727
लोहरदगा13517224315920729
रामगढ़2072631248447725
खूंटी18318319110923689
जामताड़ा218195988749647
लातेहार996621020357635
दुमका22510614911621617
साहिबगंज3121141452312606
सरायकेला-खरसावां1038019212339537
गुमला1391101338144507
सिमडेगा11710310013929488
कुल झारखंड6,2925,6325,7945,1621,44224,322

जब्ती का मतलब अंतिम दोषसिद्धि नहीं

खनन विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी वाहन की जब्ती को किसी मामले में अंतिम दोषसिद्धि के समान नहीं समझा जाना चाहिए। वाहन जब्त होने के बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें जांच और सुनवाई शामिल होती है। इसके साथ ही विभाग ने यह भी बताया है कि 2026-27 का आंकड़ा केवल अप्रैल से जुलाई तक का है, इसलिए इसे पूरे वित्तीय वर्ष के आंकड़े के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

झारखंड में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ खनन विभाग की यह लगातार कार्रवाई राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की रक्षा की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रही है। देवघर, चाईबासा और पलामू जैसे जिलों में हुई बड़ी संख्या में वाहन जब्ती यह दर्शाती है कि इन क्षेत्रों में अवैध खनिज परिवहन की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रही हैं। आने वाले समय में विभाग की सख्ती और बढ़ने की उम्मीद है, ताकि अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके और राज्य के खनिज संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।

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Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

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कवरेज: Sanjna Gupta, News Media Kiran

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