Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस को शनिवार को एक बड़ी सफलता मिली। नमकूम थाना क्षेत्र के खरसीदाग इलाके में गौमांस की तस्करी की खबर मिलते ही पुलिस ने दो पिकअप वाहनों को रोक लिया। इस कार्रवाई में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जो पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वाहनों से सैकड़ों किलो गौमांस बरामद हुआ, जो कोलकाता की ओर ले जाए जा रहा था। पुलिस ने तस्करों के खिलाफ झारखंड गौवंशीय पशु वध निषेध अधिनियम, 2005 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। जांच जारी है।
टिप्स पर कार्रवाई: दालदाली क्षेत्र में वाहनों को घेरा
शनिवार दोपहर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दालदाली इलाके के खरसीदाग में संदिग्ध वाहन गौमांस लादे हुए हैं। नमकूम थाने की टीम ने तुरंत छापेमारी की और दो पिकअप वाहनों को रोका। एक वाहन पश्चिम बंगाल नंबर का था। तलाशी लेने पर दोनों में भारी मात्रा में गौमांस मिला। तस्करों ने पहले तो इनकार किया, लेकिन सबूतों के सामने झुक गए। यह कार्रवाई तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तारीफ की।
पकड़े गए तस्कर, सभी बंगाल के निवासी
गिरफ्तार चारों आरोपी पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। उनका नाम पुलिस ने अभी गोपनीय रखा है, लेकिन पूछताछ में पता चला कि वे नियमित रूप से गौमांस कोलकाता बाजार में बेचने के लिए तस्करी करते थे। मांस की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि अनुमान है कि सैकड़ों जानवरों का मांस हो। पुलिस का कहना है कि यह तस्करी का एक बड़ा गिरोह का हिस्सा लगता है। आरोपी अब हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है। इससे और लोगों का खुलासा होने की उम्मीद है।
कानूनी कार्रवाई, अधिनियम के तहत केस, वाहन जब्त
पुलिस ने झारखंड गौवंशीय पशु वध निषेध अधिनियम, 2005 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। दोनों पिकअप वाहनों को जब्त कर लिया गया। मांस को नष्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। नमकूम थाने के एसपी ने कहा कि गौमांस तस्करी पर सख्ती बरती जा रही है। यह कार्रवाई राज्य में ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाने का संदेश देगी। जांच एजेंसी अब तस्करी के स्रोत और बिक्री के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।



