Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 421 महिला पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर लगे स्टे को बरकरार रखा है। झारखंड HC महिला पर्यवेक्षक नियुक्ति स्टे को लेकर यह आदेश आया है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी। यह मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। कई उम्मीदवारों ने याचिका दायर की थी, जिसमें आरक्षण और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। झारखंड महिला पर्यवेक्षक भर्ती 2025 में 421 पदों पर महिलाओं को मौका मिलना था, लेकिन अब यह रुका हुआ है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया है। इससे हजारों महिलाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकारी नौकरी की तलाश में लगी महिलाएं चिंतित हैं।
Jharkhand News: झारखंड HC का फैसला क्यों आया? क्या है मामला?
झारखंड HC स्टे बरकरार का यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि JSSC ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की। आरक्षण नियमों का पालन नहीं हुआ और कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिला। झारखंड 421 महिला पर्यवेक्षक नियुक्ति पर स्टे 2024 से लग चुका था। कोर्ट ने कहा कि बिना पूरी जांच के नियुक्ति नहीं हो सकती। जस्टिस ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा। JSSC ने बचाव में कहा कि प्रक्रिया पारदर्शी थी, लेकिन कोर्ट ने स्टे हटाने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी, जहां फैसला आ सकता है। यह भर्ती ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी है, जहां पर्यवेक्षक गांवों में काम करते हैं।
याचिकाकर्ताओं की मांगें: आरक्षण और चयन पर सवाल
याचिकाकर्ताओं ने मांगा कि पूरी लिस्ट रद्द हो। उनका कहना है कि OBC और SC/ST उम्मीदवारों के आरक्षण का हनन हुआ। कुछ को ऊंचे अंक देकर चुना गया। कोर्ट ने JSSC को निर्देश दिया कि स्टे के दौरान कोई नियुक्ति न हो। महिला पर्यवेक्षक भर्ती विवाद से प्रभावित महिलाएं कह रही हैं कि सरकारी नौकरी का सपना टूट रहा है। JSSC ने 2023 में परीक्षा ली थी, लेकिन चयन लिस्ट पर रोक लग गई। कोर्ट ने कहा कि न्याय सुनिश्चित करना जरूरी है।
प्रभावित महिलाओं पर असर: नौकरी का इंतजार लंबा
झारखंड 421 पद स्टे से 421 महिलाओं को नुकसान हो रहा है। ये पद ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यवेक्षण के लिए हैं, जहां महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। बेरोजगारी के दौर में यह मौका महत्वपूर्ण था। याचिकाकर्ता भी महिलाएं हैं, जो कहती हैं कि सही उम्मीदवार चुने जाएं। झारखंड HC अगली सुनवाई तक सब रुका रहेगा। सरकार ने कहा कि प्रक्रिया ठीक है, लेकिन कोर्ट फैसला लेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आरक्षण नीति पर बड़ा असर डालेगा। महिलाओं से अपील है कि धैर्य रखें।



