Jharkhand News: झारखंड के गढ़वा जिले से एक ‘शॉकिंग’ और हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। यहां पदस्थापित गढ़वा सीओ (Garhwa CO) पर अपनी पत्नी के रहते हुए प्रेमिका को सरकारी आवास पर रखने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब सीओ की पत्नी ने खुद अपने पति को उनकी प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
गुस्से से तमतमाई पत्नी ने आपा खो दिया और एक ऐसा ‘शॉकिंग’ कदम उठाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने अपने पति गढ़वा सीओ और उनकी कथित प्रेमिका, दोनों को एक ही कमरे में बंद किया और बाहर से ताला जड़ दिया। इसके बाद सरकारी आवास पर जो ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा हुआ, वह घंटों तक चलता रहा और इसे देखने के लिए मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
Jharkhand News: पत्नी को पहले से था शक, हजारीबाग से सीधे पहुंची आवास
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गढ़वा सीओ की पत्नी अपने बच्चों के साथ हजारीबाग में रहती हैं, जबकि सीओ गढ़वा में अपने सरकारी आवास पर अकेले रहते थे। बताया जा रहा है कि पत्नी को पिछले कुछ समय से अपने पति की गतिविधियों पर शक हो रहा था। उन्हें लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि उनके पति के किसी दूसरी महिला के साथ संबंध हैं और वह महिला अक्सर उनके सरकारी आवास पर आती-जाती है।
शनिवार को पत्नी को कोई पुख्ता जानकारी मिली, जिसके बाद वह बिना किसी पूर्व सूचना के हजारीबाग से सीधे गढ़वा स्थित सीओ के सरकारी आवास पर आ गई। उनका शक उस वक्त यकीन में बदल गया, जब उन्होंने अपने पति के घर का दरवाजा खटखटाया और अंदर का नजारा देखा।
Jharkhand News: कमरे का नजारा देख भड़कीं सीओ की पत्नी
सीओ की पत्नी अचानक आवास पर पहुंचीं, तो उनके पति घबरा गए। पत्नी ने घर के अंदर दाखिल होते ही उस महिला को भी देख लिया, जिसके बारे में उन्हें शक था। पति और प्रेमिका को एक साथ एक ही घर में देखकर सीओ की पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
उन्होंने आव देखा न ताव और दोनों के साथ तीखी बहस शुरू कर दी। बात इतनी बढ़ गई कि पत्नी ने गुस्से में दोनों को एक कमरे के अंदर धकेला और बाहर से दरवाजे पर ताला जड़ दिया। यह कदम उठाकर उन्होंने यह सुनिश्चित कर दिया कि दोनों वहां से भाग न सकें।
मौके पर पहुंची पुलिस, मामले को कराया शांत
सरकारी आवास पर हंगामे और भारी भीड़ की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के लिए भी यह स्थिति काफी असहज करने वाली थी, क्योंकि मामला जिले के एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा था। पुलिसकर्मियों ने पहले सीओ की पत्नी को समझाने-बुझाने की कोशिश की।



