Jharkhand News: झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी सदर अस्पतालों में मोक्ष वाहन (शव वाहन) की सुविधा शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इसकी घोषणा की। मोक्ष वाहन गरीब परिवारों को मुफ्त में शव ले जाने की सुविधा देगा। इससे अंतिम संस्कार में आने वाली परेशानी दूर होगी। योजना जल्द लागू होने वाली है।
मोक्ष वाहन क्या है?
मोक्ष वाहन एक विशेष वाहन है जो अस्पतालों से शवों को उनके घर या अंतिम संस्कार स्थल तक मुफ्त पहुंचाता है। यह सुविधा गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है। पहले कई परिवारों को निजी एम्बुलेंस किराए पर लेनी पड़ती थी। अब सदर अस्पतालों में यह वाहन उपलब्ध होगा।
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, “यह योजना मानवता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। गरीब परिवारों को अंतिम संस्कार में आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।”
योजना के मुख्य बिंदु
- सभी सदर अस्पतालों में: रांची, धनबाद, जमशेदपुर, दुमका, बोकारो सहित सभी जिला सदर अस्पतालों में।
- मुफ्त सुविधा: गरीब परिवारों के लिए पूरी तरह मुफ्त।
- वाहन की संख्या: प्रत्येक सदर अस्पताल में कम से कम एक मोक्ष वाहन।
- चालक और स्टाफ: अस्पताल के स्टाफ द्वारा संचालित।
- उद्देश्य: अंतिम संस्कार में गरीबों की मदद।
मंत्री ने कहा कि योजना को जल्द लागू किया जाएगा। बजट मंजूर हो चुका है। वाहनों की खरीद और रखरखाव की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों की प्रतिक्रिया
झारखंड के लोग इस योजना की तारीफ कर रहे हैं। एक रांची निवासी ने कहा, “यह बहुत अच्छा फैसला है। गरीब परिवारों को बहुत मदद मिलेगी।” कई ने कहा कि अस्पतालों में यह सुविधा पहले से होनी चाहिए थी।
Jharkhand News: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
झारखंड सरकार स्वास्थ्य विभाग को मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। मोक्ष वाहन योजना के अलावा अस्पतालों में दवाएं, जांच और इलाज मुफ्त हो रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना है।
यह योजना झारखंड के गरीबों के लिए बड़ी राहत है। अंतिम संस्कार में आर्थिक बोझ कम होगा। उम्मीद है कि योजना जल्द लागू हो और सभी सदर अस्पतालों में सुविधा उपलब्ध हो।



