Jharkhand News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि केंद्र ने मनरेगा योजना को कमजोर कर ग्रामीणों से रोजगार छीन लिया है। राज्य में हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर मनरेगा को मजबूत नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन होगा।
केंद्र पर क्या आरोप?
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का बजट कम कर दिया है। मजदूरी और सामग्री का अनुपात बदल दिया गया। पहले मजदूरी का पूरा पैसा केंद्र देता था, अब राज्य को भी बोझ डाला जा रहा है। इससे राज्य में काम रुक गया है। हजारों पंचायतों में मनरेगा के काम बंद हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “ग्रामीण अर्थव्यवस्था मनरेगा पर निर्भर है। केंद्र ने योजना को खत्म करने की साजिश की है। गरीब मजदूर भूखे मर रहे हैं।” पार्टी ने केंद्र से मांग की कि पुराना सिस्टम बहाल किया जाए और बकाया पैसा तुरंत दिया जाए।
राज्य सरकार पर भी हमला
कांग्रेस ने झारखंड की भाजपा सरकार को भी घेरा। कहा कि राज्य सरकार केंद्र से पैसा मांगने में नाकाम रही। बकाया करोड़ों रुपये नहीं आए। राज्य ने अपना हिस्सा भी नहीं दिया। इससे मजदूर परेशान हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “राज्य सरकार सिर्फ घोषणाएं करती है। जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा। गरीबों की कोई चिंता नहीं।”
मजदूरों की क्या स्थिति?
झारखंड के गांवों में मनरेगा मुख्य रोजगार है। सूखा और बारिश की कमी से खेती प्रभावित है। मनरेगा से मजदूर 100 दिन काम पाते थे। अब काम बंद होने से मजदूर पलायन कर रहे हैं। कई परिवार भूखमरी की कगार पर हैं।
कांग्रेस ने कहा कि मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही। कई जगहों पर 6-8 महीने से पेमेंट बकाया है।
Jharkhand News: कांग्रेस का आगे प्लान
पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र और राज्य सरकार नहीं चेती तो बड़ा आंदोलन होगा। पंचायत स्तर पर प्रदर्शन शुरू होंगे। मजदूरों को साथ लेकर सड़क पर उतरेंगे।
कांग्रेस ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की। कहा कि यह गरीबों का मुद्दा है। राजनीति से ऊपर उठकर लड़ना होगा।
झारखंड में मनरेगा ग्रामीणों की जीवनरेखा है। केंद्र और राज्य के बीच खींचतान से मजदूर पीड़ित हैं। कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया है। आने वाले दिनों में आंदोलन तेज हो सकता है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि सरकार मजदूरों की सुनवाई करेगी या नहीं।



