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Kal Ka Mausam: मौसम का मिजाज बदला, 30 जून को देश के 21 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

Kal Ka Mausam: देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग ने कल यानी 30 जून के लिए एक नई चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया है, जिससे जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक के राज्य इस बार खराब मौसम की जद में रहेंगे।

यह अलर्ट सामान्य बारिश का नहीं है, बल्कि तूफानी गतिविधियों का है। मौसम विभाग का कहना है कि मध्य क्षोभमंडल स्तर पर बने पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से तेलंगाना तक फैली ट्रफ रेखा के कारण हवाओं का रुख बदल गया है। इसका सीधा असर जनजीवन, फसलों और आवागमन पर पड़ना तय है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे कल के दिन खुले में रहने से बचें और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय लेने की गलती न करें।

Kal Ka Mausam: कहां-कहां रहेगा तूफान का सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग की सूची में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, नागालैंड, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल हैं। पूर्वी भारत के राज्यों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि वहां वज्रपात से जानमाल का नुकसान होने की आशंका सबसे अधिक है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा भी बना हुआ है।

दिल्ली और एनसीआर का हाल

राजधानी दिल्ली में कल 30 जून को मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, वहीं दूसरी तरफ आंधी और बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद भी है। मौसम विभाग ने दिल्ली में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। दोपहर के बाद आसमान में घने बादल छा सकते हैं और तेज गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से, जिसमें मेरठ, अलीगढ़, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे जिले शामिल हैं, वहां तेज आंधी के साथ भारी बारिश के आसार हैं। किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। वहीं, बिहार के पटना, गया, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत करीब 17 जिलों में 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। यहां के निवासियों को चेतावनी दी गई है कि वे आंधी के समय बाहर निकलने से बचें क्योंकि हवा की गति बड़े पेड़ों को जड़ से उखाड़ने के लिए काफी है।

पहाड़ी राज्यों में सावधानी जरूरी

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज खराब रहने वाला है। नैनीताल, चमोली, शिमला और कांगड़ा जैसे पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। पहाड़ों पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलना खतरनाक साबित हो सकता है। मनाली जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आएगी, जिससे पर्यटकों को ठंड का अहसास होगा, लेकिन तेज हवाओं के चलते बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है।

Kal Ka Mausam: झारखंड और मध्य भारत की स्थिति

झारखंड के रांची, बोकारो और जमशेदपुर समेत कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने की चेतावनी दी गई है। यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और आसपास के जिलों में भी तेज बारिश और आंधी का दौर रहेगा। राजस्थान के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे मरुधरा में गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी।

Kal Ka Mausam: सुरक्षा के लिए क्या करें?

मौसम विभाग के इस अलर्ट को गंभीरता से लेना जरूरी है। जब हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे से ऊपर हो, तो छतों पर रखी हल्की चीजों को नीचे उतार लेना चाहिए। बिजली कड़कने के दौरान किसी भी ऊंचे पेड़ या लोहे के खंभे के पास न खड़े हों। यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को सुझाव है कि वे अपने गंतव्य का मौसम अपडेट पहले जांच लें, विशेष रूप से यदि वे जंगल या पहाड़ी रास्तों से गुजरने वाले हैं।

आने वाले दिनों में यह खराब मौसम कई राज्यों के सामान्य जीवन को प्रभावित करेगा। फसलों को हो सकता है नुकसान, इसलिए कृषि विभाग भी सक्रिय हो गया है। प्रशासन की ओर से भी स्थानीय निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें। कल का दिन सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का है, ताकि इस तूफानी मौसम से खुद को और अपने परिवार को बचाया जा सके।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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