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वॉशिंग मशीन में कपड़े धोते समय आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 बड़ी गलतियां जान लें वरना कपड़े और मशीन दोनों को होगा भारी नुकसान

Home Care Tips: वॉशिंग मशीन हमारे रोजमर्रा का अहम साथी है लेकिन कई बार अनजाने में की जाने वाली छोटी गलतियां कपड़ों को खराब कर सकती हैं और मशीन की उम्र भी कम कर सकती हैं। कपड़ों को बिना छांटे धोना ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करना मशीन को ओवरलोड करना गलत वॉश मोड चुनना और मशीन की सफाई नजरअंदाज करना जैसी आम गलतियां लाखों घरों में रोज हो रही हैं। इन गलतियों को सुधारकर आप कपड़ों की चमक बचा सकते हैं मशीन को लंबे समय तक चला सकते हैं और बिजली पानी की बचत भी कर सकते हैं। इस लेख में जानिए इन 5 गलतियों के बारे में और उन्हें सही तरीके से कैसे सुधारें।

आज के व्यस्त जीवन में वॉशिंग मशीन बिना किसी शिकायत के घंटों का काम मिनटों में निपटा देती है। लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर यह दोस्त बनकर नुकसान पहुंचाने वाला भी बन सकता है। अगर आप भी रोजाना वॉशिंग मशीन चलाते हैं तो आज की यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। छोटी छोटी आदतें बदलकर आप अपने कपड़ों और मशीन दोनों की देखभाल कर सकते हैं।

वॉशिंग मशीन की आम गलतियों की पृष्ठभूमि क्या है

Home Care Tips
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वॉशिंग मशीन का आविष्कार घरेलू कामों को आसान बनाने के लिए हुआ था लेकिन गलत इस्तेमाल से यह खुद ही समस्या बन जाता है। ज्यादातर लोग समय की बचत के चक्कर में कुछ बुनियादी नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं।

कपड़ों को बिना छांटे एक साथ धोना सबसे आम गलती है। हल्के और गहरे रंग के कपड़े साथ में धोने से रंग एक दूसरे में पिचक जाते हैं। जूट टेरी कॉटन या डेलिकेट फैब्रिक को भी अलग से धोना चाहिए। ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करना भी एक बड़ी गलती है जो कपड़ों के फाइबर को नुकसान पहुंचाता है और मशीन में अवशेष जमा कर देता है।

मशीन को भर भरकर ओवरलोड करना कपड़ों को सही से न धोने देता है और मोटर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। गलत वॉश मोड चुनना डेलिकेट कपड़ों को खराब कर सकता है। मशीन की नियमित सफाई न करना बदबू और बैक्टीरिया का कारण बनता है।

इन गलतियों से क्या नुकसान होता है

कपड़ों को बिना छांटे धोने से रंग उड़ जाते हैं और नए कपड़े पुराने लगने लगते हैं। ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करने से कपड़ों पर सफेद दाग पड़ जाते हैं और फाइबर कमजोर हो जाते हैं। इससे कपड़े जल्दी फटने लगते हैं।

ओवरलोड करने से कपड़े अच्छे से नहीं धुलते और मशीन की मोटर जल्दी खराब हो सकती है। गलत मोड चुनने से ऊनी या सिल्क के कपड़े सिकुड़ जाते हैं या फट जाते हैं। मशीन की सफाई न करने से अंदर फंगस और बैक्टीरिया बढ़ते हैं जो कपड़ों में बदबू पैदा करते हैं और स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इन गलतियों से हर साल हजारों रुपये की बचत रुक जाती है क्योंकि कपड़े जल्दी खराब होते हैं और मशीन की मरम्मत का खर्च बढ़ जाता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

घरेलू उपकरण विशेषज्ञों का कहना है कि वॉशिंग मशीन का सही इस्तेमाल उसकी उम्र दोगुनी कर सकता है। एक प्रमुख घरेलू उपकरण विशेषज्ञ ने कहा कि मशीन की क्षमता के अनुसार कपड़े डालना और सही डिटर्जेंट मात्रा इस्तेमाल करना सबसे जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार महीने में एक बार मशीन को खाली चलाकर साफ करना चाहिए। वे सलाह देते हैं कि हमेशा लेबल पढ़कर डिटर्जेंट की मात्रा तय करें। अगर पानी सॉफ्ट है तो डिटर्जेंट कम इस्तेमाल करें। डेलिकेट कपड़ों के लिए विशेष मोड चुनें ताकि कपड़े लंबे समय तक नए जैसे बने रहें।

आगे क्या करें इन गलतियों को सुधारने के लिए

अब इन गलतियों को सुधारना बहुत आसान है। कपड़े धोने से पहले हमेशा रंग और फैब्रिक के अनुसार छांट लें। हल्के रंग के कपड़ों को एक तरफ और गहरे रंग के कपड़ों को दूसरी तरफ रखें। जूट या टेरी कपड़ों को अलग रखें।

डिटर्जेंट का इस्तेमाल मशीन के लेबल या कपड़ों की मात्रा के अनुसार करें। ज्यादा डिटर्जेंट कभी न डालें। मशीन को कभी भी पूरी क्षमता से ज्यादा न भरें। हमेशा मशीन में जगह छोड़कर कपड़े डालें ताकि वे अच्छे से घूम सकें।

हर कपड़े के टैग पर लिखे मोड के अनुसार वॉश सेटिंग चुनें। डेलिकेट कपड़ों के लिए हल्का मोड इस्तेमाल करें। महीने में कम से कम एक बार मशीन को सिरका या विशेष क्लीनर से साफ करें।

पाठक इन आसान टिप्स को अपनाकर रोजाना की गलतियों को सुधार सकते हैं। इससे कपड़े लंबे समय तक टिकेंगे मशीन की उम्र बढ़ेगी और बिजली पानी की बचत भी होगी।

अगर आप इन छोटे छोटे बदलावों को अपनी आदत में शामिल कर लेंगे तो वॉशिंग मशीन सचमुच आपका अच्छा दोस्त बनी रहेगी। नियमित देखभाल से आप महंगे कपड़ों और मशीन की मरम्मत का खर्च बचा सकते हैं।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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