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ममता बनर्जी का मास्टरस्ट्रोक: 75 MLA आउट, 291 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, ग्राउंड लीडर्स पर फोकस

Bengal politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में लगातार चौथी बार सत्ता हासिल करने की कोशिश में जुटी तृणमूल कांग्रेस यानी TMC ने मंगलवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया। TMC प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 291 सीटों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की और इसमें करीब 75 मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया। यह फैसला साफ संकेत देता है कि ममता बनर्जी इस बार पुराने ढर्रे से अलग चुनावी रणनीति अपना रही हैं। पार्टी ने चमकदार और मशहूर चेहरों की जगह उन नेताओं को प्राथमिकता दी है जो जमीन पर मजबूत हों, बूथ संभाल सकें और मतदाताओं से सीधा जुड़ाव रख सकें।

ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास से यह सूची पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी के साथ मिलकर जारी की। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे।

75 विधायकों का टिकट कटा, 135 को मिली जगह, 15 को अलग सीटों पर भेजा गया

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TMC की इस उम्मीदवार सूची का सबसे बड़ा और सबसे चर्चित पहलू यह है कि पार्टी ने 291 उम्मीदवारों में से 135 मौजूदा विधायकों को दोबारा मौका दिया है। वहीं करीब 75 विधायकों का टिकट पूरी तरह काट दिया गया है और 15 अन्य विधायकों को उनकी मौजूदा सीट से हटाकर किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में भेजा गया है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव जानबूझकर किया गया है और इसे उन्होंने सत्ता-विरोधी लहर से निपटने की कवायद बताया है। जिन सीटों पर मौजूदा विधायक के खिलाफ जनता में नाराजगी थी वहां नया चेहरा उतारा गया है ताकि वोटर की वह नाराजगी पार्टी की हार में न बदले। यह एक सोची-समझी चुनावी रणनीति है जो बताती है कि ममता बनर्जी 2026 के चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।

चुनाव विश्लेषकों के अनुसार इतने बड़े पैमाने पर विधायकों के टिकट काटना किसी सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक साहसिक फैसला होता है। इससे पार्टी के भीतर असंतोष पैदा होने का खतरा भी रहता है लेकिन इससे यह भी संदेश जाता है कि नेतृत्व सत्ता-विरोधी माहौल को लेकर सजग है।

स्टार चेहरों से परहेज, बूथ मैनेजमेंट वाले नेताओं को मिली प्राथमिकता

इस चुनाव में TMC की रणनीति का दूसरा सबसे अहम पहलू यह है कि पार्टी ने ग्लैमरस और मशहूर हस्तियों की जगह जमीनी नेताओं को तरजीह दी है। पिछले चुनावों में TMC ने फिल्मी सितारों और सेलिब्रिटी चेहरों पर दांव लगाया था लेकिन इस बार की सूची में यह ट्रेंड काफी कम हुआ है।

TMC के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी नेतृत्व ने जानबूझकर स्टार चेहरों से दूरी बनाई है। उनके शब्दों में कहें तो पार्टी का जोर उन उम्मीदवारों पर है जो बूथ का प्रबंधन कर सकें, मतदाताओं को एकजुट कर सकें और स्थानीय नेटवर्क को मजबूत बनाए रख सकें। यह सोच बताती है कि 2026 में ममता बनर्जी की पार्टी चेहरे के बजाय संगठन की ताकत पर जीत हासिल करना चाहती है।

हालांकि सूची पूरी तरह सेलिब्रिटी-फ्री नहीं है। ओलंपिक खिलाड़ी और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन को राजगंज से उतारा गया है। पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पाल को तूफानगंज से मौका मिला है। अभिनेता और नेता सोहम चक्रवर्ती इस बार तेहट्टा से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष पहली बार विधानसभा चुनाव में बेलियाघाटा से उतरे हैं।

किन बड़े चेहरों का कटा पत्ता और किन नए चेहरों को मिला मौका

जिन नामी चेहरों का इस बार टिकट नहीं मिला उनमें बरासात के विधायक चिरंजीत चक्रवर्ती, बेहला पश्चिम के विधायक पार्थ चटर्जी और बेलियाघाटा के विधायक परेश पाल शामिल हैं। पार्थ चटर्जी का नाम पहले TMC के कद्दावर नेताओं में गिना जाता था लेकिन पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ कानूनी मामलों ने उन्हें विवादों में घेरा हुआ है। ऐसे में उनका टिकट कटना कोई हैरानी की बात नहीं है।

नए चेहरों में मानिकतला से श्रेया पांडे का नाम शामिल है। उत्तरपाड़ा से TMC सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी को पहली बार विधानसभा चुनाव में उतारा गया है। नंदीग्राम में जहां 2021 में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच जबरदस्त मुकाबला हुआ था, इस बार TMC ने पबित्र कर को उम्मीदवार बनाया है जो हाल ही में BJP छोड़कर TMC में वापस आए हैं।

सूची में 52 महिलाएं, 95 SC-ST और 47 अल्पसंख्यक उम्मीदवार

TMC की उम्मीदवार सूची में सामाजिक संतुलन का भी खास ध्यान रखा गया है। पार्टी के आंकड़ों के मुताबिक 291 उम्मीदवारों में 52 महिलाएं हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से 95 उम्मीदवार हैं और 47 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।

यह आंकड़े दिखाते हैं कि ममता बनर्जी ने सिर्फ जीत की संभावना के हिसाब से नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति-जनजाति के मतदाता TMC के परंपरागत वोट बेस का हिस्सा रहे हैं और इन समुदायों को टिकट देकर पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी प्राथमिकता में ये वर्ग हमेशा की तरह ऊपर हैं।

भवानीपुर में ममता बनाम शुभेंदु, नंदीग्राम के बाद अब दूसरी बड़ी लड़ाई

इस चुनाव का सबसे बड़ा और सबसे रोमांचक मुकाबला भवानीपुर सीट पर होगा। ममता बनर्जी यहां से अपनी परंपरागत सीट पर चुनाव लड़ेंगी जबकि BJP ने यहां से नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को उतारा है। यह दोनों नेताओं के बीच दूसरी सीधी टक्कर होगी।

2021 में नंदीग्राम में इन दोनों के बीच पहला मुकाबला हुआ था जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को बेहद कम अंतर से हराया था। अब भवानीपुर में इस पुराने हिसाब का बदला लेने की कोशिश होगी। ममता के लिए यह सीट बचाना उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल है।

ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करते हुए दावा किया है कि TMC 294 में से 226 से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी दार्जिलिंग की तीन पहाड़ी सीटें अपने सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के लिए छोड़ेगी जिसका नेतृत्व अनित थापा करते हैं। बीरभूम, उत्तर 24 परगना और दक्षिण बंगाल के ग्रामीण इलाकों जैसे अहम चुनावी क्षेत्रों में पार्टी ने मजबूत जिला स्तरीय चेहरे कायम रखे हैं जो पार्टी की जीत की बुनियाद माने जाते हैं।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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