गुजरात: पंचमहल जिले स्थित प्रसिद्ध पावागढ़ शक्ति पीठ में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मालवाहक रोपवे की तार टूटने से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो लिफ्टमैन, दो मजदूर और दो अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की पुष्टि पंचमहल कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक हरेश दुधात ने की है।
जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। प्रशासन ने मौके पर डेरा डाल रखा है। शुरुआती जांच में तार टूटना हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है, हालांकि असली कारण तकनीकी जांच से ही स्पष्ट होगा।
पावागढ़ पहाड़ी लगभग 800 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। श्रद्धालु यहां पहुंचने के लिए या तो 2000 सीढ़ियां चढ़ते हैं या रोपवे का उपयोग करते हैं। शनिवार सुबह से खराब मौसम के कारण यात्रियों के लिए रोपवे सेवा बंद कर दी गई थी। हादसा उस रोपवे में हुआ, जिसका उपयोग सामान ढोने के लिए किया जाता है।
राज्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने बताया कि हादसा टावर नंबर-1 के पास हुआ, जब सामान ढोने वाले बोगी की तार अचानक टूट गई और बोगी नीचे जा गिरी। सभी शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन कर दिया है और सरकार को प्राथमिक रिपोर्ट भेजने की तैयारी चल रही है।
पावागढ़ शक्ति पीठ मां काली को समर्पित मंदिर है और गुजरात का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां हर साल करीब 25 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। श्रद्धालु सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि हादसे की असली वजह विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगी। मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है। यह हादसा एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन और रोपवे सिस्टम की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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