Mamata Banerjee: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी दीदी आज भी उनके साथ है और हमेशा रहेगी। ममता ने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को एक पूरी पीढ़ी को डराने और उसकी आवाज दबाने की कोशिश बताया। बुधवार को दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बांड के कथित उल्लंघन और जंतर-मंतर में अनधिकृत प्रवेश का आरोप है। तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है।
Mamata Banerjee: कॉजपा नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत
कॉजपा नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बांड का कथित उल्लंघन करने का आरोप है। इसके अलावा उन पर जंतर-मंतर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने का भी आरोप लगा है।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसी वजह से वहां बिना अनुमति प्रवेश को नियमों का उल्लंघन माना गया। मामले में आगे की कार्यवाही हिरासत अवधि के बाद तय होगी।
बैरिकेड तोड़ने और नारेबाजी का आरोप
दोनों नेताओं को मंगलवार तड़के हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड तोड़कर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश किया। वहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।
आरोपों के मुताबिक दोनों नेताओं ने इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार कार्रवाई इन्हीं आरोपों के आधार पर हुई है।
ममता बोलीं, लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखना होगा
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उन्होंने और उनसे पहले की कई पीढ़ियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। उनके मुताबिक यह लड़ाई आगे भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कॉजपा नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की।
साथ ही उन्होंने लोगों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। ममता का कहना था कि ऐसे समय में सभी को संकल्प लेना चाहिए और अपने संवैधानिक अधिकारों से पीछे नहीं हटना चाहिए।
SIR और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना
ममता बनर्जी ने देश के कई हिस्सों में लोकतंत्र की हत्या किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में उनके 14,000 लोग पुलिस और राजनीतिक अत्याचारों का सामना कर रहे हैं। यह दावा उन्हीं का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
इससे पहले ममता राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर चिंता जताई। साथ ही निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी मतदाता सूची में कथित हेरफेर का आरोप भी लगाया।
‘जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिए’ का संदेश
ममता ने अपने संदेश में सरकार को सीधी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि जो सरकार यह भूल जाती है कि वह जनता की, जनता के द्वारा और जनता के लिए है, उसका अंत निकट है। उन्होंने लोगों से भारत की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
अपने संदेश का समापन उन्होंने ‘जय हिंद, वंदे मातरम् और जॉय बांग्ला’ के नारों के साथ किया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।
Mamata Banerjee: अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा को घेरा
पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी कॉजपा नेताओं की गिरफ्तारी के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि खुद को सबसे बड़ा राष्ट्रवादी बताने वाले लोग अब भारतीयों को अपने ही देश में तिरंगा फहराने के लिए गिरफ्तार कर रहे हैं।
अभिषेक ने इस कार्रवाई को लेकर भारत की तुलना पाकिस्तान से भी की। तृणमूल नेताओं डेरेक ओब्रायन और महुआ मोइत्रा ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया।
फिलहाल सौरव दास और आशुतोष रांका पांच दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी हिरासत अवधि पूरी होने के बाद अदालत में अगली सुनवाई होगी। इस बीच तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस मुद्दे को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक हथियार के रूप में उठा सकते हैं।
कॉजपा नेताओं की गिरफ्तारी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ के आरोपों की बहस को फिर तेज कर दिया है। ममता बनर्जी ने इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया है, जबकि पुलिस कार्रवाई बांड उल्लंघन और बिना अनुमति प्रवेश के आरोपों पर आधारित है। अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन और महुआ मोइत्रा भी इस विरोध में सामने आए हैं। अब नजर अदालत की अगली सुनवाई और विपक्ष की आगे की रणनीति पर रहेगी। साथ ही देखना होगा कि यह मामला चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को कितना और गर्माता है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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