रांची। एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता डॉ. पवन पांडेय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा ली गई सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर हुए प्रदर्शन में पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है।
डॉ. पांडेय ने अपने पत्र में कहा कि प्रदर्शन की आशंका के चलते आयोग कार्यालय के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। आयोग कार्यालय के चारों ओर दोहरी बैरिकेडिंग की गई थी, और नामकुम चौक, खरसीदाग चौक, रामपुर चौक सहित प्रमुख सड़कों पर भी बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। हर आने-जाने वाले से कड़ी पूछताछ के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी।
मीडिया कर्मियों को भी आयोग कार्यालय के पास जाने से रोका गया, जिससे घटनास्थल की कवरेज प्रभावित हुई। इस बीच, टोकन वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों ने अपने कागजात की जांच कराई।
इसी दौरान, परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध कर रहे छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने बातचीत करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
डॉ. पांडेय ने इस पुलिस कार्रवाई को बर्बर करार देते हुए कहा कि यह झारखंड के उज्ज्वल भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक है, जो राज्य के इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज होगा। उन्होंने सरकार से संवेदनशील होकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल लाठीचार्ज के लिए नहीं है। छात्रों से संवाद कर समस्या का समाधान निकालना चाहिए था। उन्होंने झारखंड सरकार से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने की अपील की और छात्रों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने इस घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

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