MP News: मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में पदोन्नति का नया आदेश जारी हो गया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल ने छह पेज के आदेश में 223 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया है। ये अधिकारी पहले कार्यवाहक निरीक्षक या उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे।
आदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और कई अन्य जिलों के नाम शामिल हैं। पदोन्नति रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से दी गई है और यह आगामी आदेश तक लागू रहेगी। साथ ही उन्हें मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के पे-मैट्रिक्स लेवल-10 का लाभ कार्यभार ग्रहण की तारीख से मिलेगा।
MP News: पुलिस मुख्यालय ने क्या आदेश जारी किया
भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय ने कार्यवाहक निरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों की पदोन्नति का औपचारिक आदेश निकाला है। छह पेज की सूची में कुल 223 नाम दर्ज हैं। सभी को निरीक्षक के पद पर पदस्थ माना गया है। आदेश विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी हुआ है। इससे मैदानी इकाइयों में निरीक्षक स्तर के पदों की कमी कुछ हद तक पूरी होगी।
जुलाई के बड़े आदेश से जुड़ी है यह कार्रवाई
इससे पहले पुलिस मुख्यालय के आदेश क्रमांक पुमु/3/कार्मिक/स-12/1006/2026 दिनांक 13 जुलाई 2026 के तहत 1029 लोक सेवकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया जा चुका था। उस आदेश के बाद विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई। समिति का प्रतिवेदन आने के बाद अब अगली कड़ी के रूप में 223 और अधिकारियों की पदोन्नति जारी की गई है। दोनों प्रक्रियाएं एक ही पदक्रम से जुड़ी हैं।
MP News: पदोन्नति अस्थायी और स्थानापन्न है
आदेश में साफ लिखा गया है कि संबंधित अधिकारियों को निरीक्षक के रिक्त पदों पर स्थानापन्न यानी अस्थायी रूप से पदोन्नत किया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक रहेगी। यानी अंतिम नियमितीकरण अलग प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल उन्हें निरीक्षक के कर्तव्य और जिम्मेदारी सौंपी गई है। वेतन निर्धारण भी नए पद के अनुरूप होगा।
नया वेतनमान कैसे लागू होगा
पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान वेतनमान 9300-34800 प्लस 4200 ग्रेड पे के स्थान पर नया ढांचा मिलेगा। मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-10 लागू होगा। यह लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से दिया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठता सूची के क्रमांक के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। इससे वेतन और भत्तों में स्पष्ट अंतर आएगा।
MP News: किन जिलों के अधिकारी सूची में शामिल
जारी सूची में ग्वालियर, जबलपुर, भिंड और सिवनी के अधिकारी शामिल हैं। भोपाल, बैतूल, मंडला और छिंदवाड़ा से भी नाम हैं। इंदौर, उज्जैन, रीवा और सतना के पदस्थ अधिकारियों का उल्लेख है। सागर, धार और खंडवा समेत प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों के कर्मी भी इस आदेश में हैं। पूरा विवरण मुख्यालय के छह पेज के दस्तावेज में दर्ज है।
विभागीय समिति की भूमिका क्यों जरूरी रही
पदोन्नति सीधे व्यक्तिगत आवेदन से नहीं, बल्कि विभागीय पदोन्नति समिति के प्रतिवेदन पर आधारित है। समिति ने पात्रता, वरिष्ठता और रिक्त पदों की स्थिति पर विचार किया। जुलाई में हुई बड़ी पदोन्नति के बाद बचे पात्र मामलों को इसी प्रक्रिया से निपटाया गया। इससे प्रक्रिया को औपचारिक और दस्तावेजी आधार मिला। मुख्यालय ने इसी आधार पर अंतिम आदेश जारी किया।
निरीक्षक पद पर जिम्मेदारी बढ़ेगी
निरीक्षक थाना प्रबंधन, जांच निगरानी और मैदानी नियंत्रण का महत्वपूर्ण पद है। पदोन्नत अधिकारी अब इन्हीं दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अस्थायी पदोन्नति होने के बावजूद कामकाज निरीक्षक स्तर का ही रहेगा। जिलों में पद रिक्त रहने से राहत मिलने की उम्मीद है। वरिष्ठता क्रम का पालन वेतन और पदग्रहण दोनों में किया जाएगा।
MP News: आदेश का विभाग पर तात्कालिक असर
223 पदोन्नतियों से निरीक्षक स्तर पर उपलब्ध जनशक्ति बढ़ेगी। लंबे समय से कार्यवाहक व्यवस्था पर चल रहे कई अधिकारी अब औपचारिक पदनाम पाएंगे। वेतन लेवल-10 से आर्थिक स्थिति में भी फर्क पड़ेगा। फिर भी यह व्यवस्था आगामी आदेश तक सीमित है। नियमित पुष्टि के लिए आगे की प्रशासनिक कार्रवाई बाकी रहेगी।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के इस आदेश से 223 अधिकारियों को निरीक्षक पद मिला है। जुलाई में हुई 1029 पदोन्नतियों के बाद यह अगला चरण है। भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और अन्य जिलों तक के कर्मी सूची में हैं। पदोन्नति अस्थायी है और पे-मैट्रिक्स लेवल-10 कार्यभार ग्रहण से लागू होगा। विभाग में निरीक्षक स्तर की कमी कुछ कम होगी, लेकिन अंतिम नियमितीकरण बाद के आदेश पर निर्भर रहेगा।
Read More Here
- Petrol-Diesel Rate 8 Sep 2026: को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के भाव स्थिर रहे, प्रमुख शहरों के ताजा रेट
- Teen Drug Abuse Study: स्कूलों में बढ़ रहा नशे का खतरा, गुवाहाटी में 42.3% किशोर जोखिम में; मोबाइल-इंटरनेट भी कारण
- Himachal Cancer Cases: हिमाचल में तेजी से बढ़ रहा कैंसर, सालाना 16 हजार नए मरीज; राष्ट्रीय औसत से 3 गुना ज्यादा वृद्धि
- Kushagrahani Amavasya 2026: पितृपक्ष अमावस्या से पहले किस दिन उखाड़ी जाएगी पवित्र कुशा, जानें सही तिथि

