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NEET UG Counselling 2026: एनएमसी ने बदले दिव्यांगता मूल्यांकन के नियम, जानिए काउंसलिंग शेड्यूल में क्या हुआ बदलाव

NEET UG Counselling 2026: देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए नीट यूजी काउंसलिंग 2026 से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से ऐन पहले नेशनल मेडिकल कमीशन यानी एनएमसी ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के दिव्यांगता मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन कर दिया है। इसके साथ ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने एनआरआई और ओसीआई श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए भी एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिससे प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। इन तमाम बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश भर के मेडिकल संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुगम बनाना है। आइए जानते हैं कि इन नए संशोधनों का छात्रों पर क्या असर पड़ेगा और काउंसलिंग के शेड्यूल को लेकर क्या ताजा अपडेट सामने आई है।

NEET UG Counselling 2026: दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए एनएमसी ने किए अहम बदलाव

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने हाल ही में जारी किए गए दिव्यांगता मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए नया अपडेट जारी कर दिया है। यह बदलाव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशों के बिल्कुल अनुरूप किए गए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार अब बेंचमार्क विकलांगता प्रमाण पत्र और दिव्यांगता के मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया को और अधिक अपडेट कर दिया गया है। आगामी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के दौरान नामित विकलांगता मूल्यांकन बोर्ड इन्हीं नए मानकों के आधार पर उम्मीदवारों की पात्रता का निर्धारण करेंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पूरे देश के मेडिकल संस्थानों में दिव्यांग अभ्यर्थियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया को पूरी तरह से एक समान और पारदर्शी बनाना है।

काउंसलिंग शेड्यूल में बदलाव को लेकर क्या है स्थिति

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह के दावे किए गए थे कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की वेबसाइट पर कुछ समय के लिए ऐसा नोटिस देखा गया था। उस कथित नोटिस में राउंड वन की चॉइस फिलिंग की तारीखों को आगे बढ़ाए जाने की बात कही जा रही थी जिससे छात्रों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। हालांकि, फिलहाल एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसा कोई भी आधिकारिक नोटिस उपलब्ध नहीं है और न ही कमेटी द्वारा शेड्यूल में बदलाव की पुष्टि की गई है। ऐसे में सभी संबंधित उम्मीदवारों को यही सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल एमसीसी के आधिकारिक पोर्टल पर जारी होने वाली सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

एनआरआई और ओसीआई उम्मीदवारों के लिए नई एडवाइजरी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया और गैर-प्रवासी भारतीय उम्मीदवारों के लिए भी कुछ कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। एमसीसी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जो भी उम्मीदवार एनआरआई कोटे के तहत मेडिकल सीटों पर प्रवेश पाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले एमसीसी की एनआरआई डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन टीम से अपने सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों का यह सफल सत्यापन होने के बाद ही उम्मीदवारों को चॉइस फिलिंग के दौरान एनआरआई कोटे और सामान्य दोनों श्रेणियों की सीटें दिखाई देंगी। इसके अलावा पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को एनआरआई कोटे से जुड़े विकल्प के सामने सही चयन करना होगा और समय रहते अपने सभी कागजात दुरुस्त करने होंगे ताकि अंतिम समय में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

NEET UG Counselling 2026: इस बार की काउंसलिंग प्रक्रिया में हुए कई बड़े सुधार

इस वर्ष आयोजित होने वाली नीट यूजी काउंसलिंग 2026 में कई ऐसे बड़े और राहत भरे बदलाव किए गए हैं जिनका सीधा लाभ मेडिकल के छात्रों को मिलेगा। सबसे बड़ा सकारात्मक बदलाव यह लागू किया गया है कि पहले राउंड में सीट मिलने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी अगले दौर के लिए सीट अपग्रेडेशन चुनता है, तो उसे तुरंत कॉलेज जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग करने की बाध्यता नहीं होगी। इस बेहतरीन व्यवस्था से छात्रों के बेशकीमती समय, अनावश्यक यात्रा और होने वाले अतिरिक्त आर्थिक खर्च की बड़ी बचत होगी। इसके अलावा एमसीसी ने काउंसलिंग पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन सीट रेजिग्नेशन की एक बेहद सुविधाजनक सुविधा भी शुरू कर दी है, जो पहले पूरी तरह से ऑफलाइन हुआ करती थी।
मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश चाहने वाले युवाओं के लिए यह काउंसलिंग प्रक्रिया करियर का एक बेहद अहम पड़ाव होती है, जिसमें जरा सी चूक भारी पड़ सकती है। एनएमसी और एमसीसी द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ये प्रशासनिक बदलाव पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं। छात्रों को चाहिए कि वे अपनी तैयारी पूरी रखें और पोर्टल पर आने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए रखें। सही समय पर सही नियमों का पालन करके ही छात्र अपने सपनों के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

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Author: Sanjna Gupta

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