Noida Violence Update: उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को पांचवें दिन भी जारी रहा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। सेक्टर 121 और नोएडा फेज-2 में मंगलवार को फिर से पत्थरबाजी हुई जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। गढ़ी चौखंडी के पास आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए और हवाई फायरिंग भी की गई।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सोमवार की हिंसा के सिलसिले में अब तक सात मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने दूसरों को हिंसा के लिए उकसाया उनकी भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी होगी। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
फेज-2 में फिर हुई पत्थरबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

मंगलवार सुबह नोएडा फेज-2 में प्रदर्शनकारी एक बार फिर इकट्ठा हो गए और उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी। सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद भी यह सिलसिला नहीं थमा। पुलिस को तुरंत सूचना मिली और भारी बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ा गया।
प्रशासन ने पहले से ही नोएडा के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी तैदादा में पुलिस तैनात कर दी थी लेकिन इसके बावजूद कुछ जगहों पर उपद्रवी तत्व मौका देखकर हिंसा पर उतर आए। पुलिस ने सख्ती के साथ सभी इलाकों को खाली कराया और हालात को काबू में लाने की कोशिश की।
सेक्टर 121 में पत्थरबाजी के बाद हुई धरपकड़
सेक्टर 121 में भी मंगलवार को पत्थरबाजी की घटना सामने आई। जैसे ही यह खबर मिली, पुलिस ने तेजी से एक्शन लिया। गलियों में उतरकर पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान करना शुरू किया और उन्हें एक-एक कर हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू हो गई। इसके बाद पूरा इलाका खाली हो गया और गलियां सूनी हो गईं।
पुलिस का कहना है कि हिंसा करने वाले और उसे अंजाम देने में मदद करने वाले किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है लेकिन पत्थरबाजी और तोड़फोड़ को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गढ़ी चौखंडी में आंसू गैस और हवाई फायरिंग
नोएडा के गढ़ी चौखंडी इलाके में भी मंगलवार को प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग भी की। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई और इलाके में धीरे-धीरे शांति बहाल हुई। यह घटना बताती है कि नोएडा में हालात अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए हैं और प्रशासन को हर मोर्चे पर सतर्क रहना पड़ रहा है।
सेक्टर 74 में सुरक्षाकर्मी और सफाईकर्मी भी उतरे सड़क पर
वेतन वृद्धि की यह लड़ाई अब सिर्फ कारखाने के मजदूरों तक सीमित नहीं रही। सेक्टर 74 की केपटाउन सोसायटी के सामने सुरक्षाकर्मी और सफाईकर्मियों ने भी मिलकर सड़क पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उन्होंने सड़क जाम करने की भी कोशिश की।
इन कर्मचारियों का कहना था कि 12 घंटे की लंबी नौकरी के बदले जो वेतन मिल रहा है उससे घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। महंगाई के इस दौर में जो तनख्वाह मिलती है वो जिंदगी की जरूरी चीजें पूरी करने के लिए भी कम पड़ जाती है। उनकी इस मांग में आम लोगों की सहानुभूति भी दिखी।
सेक्टर 63 में कंपनी ने चिपकाया दो दिन बंदी का नोटिस
सेक्टर 63 के डी ब्लॉक में स्थित एक औद्योगिक इकाई में मंगलवार को एक अलग नजारा देखने को मिला। रोज की तरह जब कर्मचारी काम पर पहुंचे तो उन्हें मुख्य गेट पर एक नोटिस मिला जिसमें लिखा था कि कंपनी दो दिन के लिए बंद रहेगी। कर्मचारियों के लगातार प्रदर्शन के चलते प्रबंधन ने यह कदम उठाया।
कंपनी के बाहर फिलहाल पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी तरह की अशांति से बचा जा सके। यह कदम बताता है कि लगातार पांच दिनों से चल रहे इस आंदोलन ने कारोबार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
मदरसन कंपनी के बाहर कड़ा पहरा
नोएडा फेज-2 में मदरसन कंपनी के बाहर मंगलवार को भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा की मांग की थी क्योंकि सोमवार के उग्र प्रदर्शन में इस कंपनी के कर्मचारियों ने भी काफी हंगामा मचाया था। पुलिस की मौजूदगी से हालात तो काबू में रहे लेकिन तनाव का माहौल बना हुआ है।
डीजीपी ने की शांति की अपील, बातचीत से हल निकालने का भरोसा
उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने नोएडा में हो रही तोड़फोड़, हिंसक झड़प और आगजनी की घटनाओं पर चिंता जताई और लोगों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश पर नोएडा पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मजदूरों, कारखाना प्रबंधन और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर रहे हैं और समन्वय बनाने की कोशिश हो रही है।
डीजीपी ने यह भी कहा कि शासन का साफ निर्देश है कि मजदूरों की बात को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना जाए। उनकी परेशानी असली है और उसका हल भी निकाला जाएगा। लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी समस्या का हल नहीं है।
योगी सरकार का बड़ा फैसला: 21 प्रतिशत बढ़ाया न्यूनतम वेतन
इस पूरे मामले में एक अहम बात यह भी है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मजदूरों की मांग को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतनमान में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह एक बड़ा कदम है और सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वो मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं कर रही।
लेकिन जमीन पर यह फैसला अभी तक उन सभी कारखानों में लागू नहीं हुआ है जहां से प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। इसी वजह से आंदोलन थमा नहीं है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस फैसले को तुरंत लागू किया जाए और उन्हें लिखित आश्वासन दिया जाए।
ग्रेटर नोएडा में भी आंशिक प्रदर्शन जारी
नोएडा के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में भी मंगलवार को आंशिक प्रदर्शन हुए। इकोटेक-3 स्थित एक कंपनी के बाहर नाइट शिफ्ट के कामगारों ने सुबह शिफ्ट खत्म होने के बाद प्रदर्शन किया। इकोटेक-11 और सूरजपुर में भी कामगारों ने अपनी मांगें रखीं। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया गया।
प्रशासन ने कामगारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का हल निकालने का भरोसा दिया है। इलाके में यातायात को सामान्य रखने के भी प्रयास जारी हैं। पुलिस की निगरानी में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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