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विजय दिवस पर राष्ट्रपति भवन में ‘परम वीर दीर्घा’ का उद्घाटन: वीर सैनिकों को अमर श्रद्धांजलि

नई दिल्ली- 16 दिसंबर 2025 को देश ने विजय दिवस मनाया। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में ‘परम वीर दीर्घा’ का उद्घाटन किया। इस दीर्घा में भारत के सबसे बहादुर सैनिकों – परम वीर चक्र विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। यह दीर्घा उन वीरों को श्रद्धांजलि देने का एक स्थायी तरीका है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

विजय दिवस का महत्व

विजय दिवस हर साल 16 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की याद दिलाता है। उस युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को हराया था। सिर्फ 13 दिनों में पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही पूर्वी पाकिस्तान आजाद हुआ और बांग्लादेश नाम का नया देश बना।इस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अद्भुत साहस दिखाया। करीब 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने हथियार डाल दिए। यह भारत की सेना की बड़ी जीत थी। विजय दिवस पर हम उन सभी सैनिकों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया।

परम वीर दीर्घा क्या है?

परम वीर दीर्घा राष्ट्रपति भवन में एक नई गैलरी है। यहां भारत के सभी 21 परम वीर चक्र विजेताओं के बड़े-बड़े चित्र लगाए गए हैं। परम वीर चक्र देश का सबसे बड़ा युद्ध सम्मान है। यह उन सैनिकों को दिया जाता है, जिन्होंने दुश्मन के सामने सबसे ज्यादा बहादुरी दिखाई और जरूरत पड़ी तो जान भी दे दी।इस दीर्घा का उद्देश्य लोगों को इन वीरों की कहानियां बताना है। यहां आने वाले लोग, खासकर बच्चे और युवा, इन बहादुर सैनिकों से प्रेरणा ले सकते हैं। राष्ट्रपति भवन का कहना है कि यह दीर्घा देश के नायकों की याद को जीवित रखेगी। यह कदम औपनिवेशिक सोच को छोड़कर अपनी संस्कृति और विरासत को अपनाने की दिशा में भी है। पहले इस जगह पर ब्रिटिश अधिकारियों के चित्र थे, अब उन्हें बदलकर भारतीय वीरों के चित्र लगा दिए गए हैं।

उद्घाटन समारोह का विवरण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को इस दीर्घा का उद्घाटन किया। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने वीर सैनिकों को नमन किया और कहा कि उनके साहस और बलिदान से राष्ट्र गौरवान्वित होता है।राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिखा, “विजय दिवस के अवसर पर मैं भारत माता के वीर सपूतों को सादर नमन करती हूं। उनके साहस, पराक्रम और मातृभूमि के लिए अनन्य निष्ठा ने राष्ट्र को सदा गौरवान्वित किया है। उनकी वीरता और राष्ट्रप्रेम देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे।”इस मौके पर कुछ पुराने सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। दीर्घा को देखकर सभी ने कहा कि यह देश की शान बढ़ाने वाला कदम है।

परम वीर चक्र की खासियतImage result for मुर्मू ने किया 'परम वीर दीर्घा' का उद्घाट

परम वीर चक्र 1950 में शुरू किया गया था। अब तक सिर्फ 21 सैनिकों को यह सम्मान मिला है। ज्यादातर को मरणोपरांत, यानी मौत के बाद दिया गया। इनमें 1962 के चीन युद्ध, 1965 और 1971 के पाकिस्तान युद्ध, और 1999 के कारगिल युद्ध के हीरो शामिल हैं।

उदाहरण के लिए, मेजर सोमनाथ शर्मा, कैप्टन विक्रम बत्रा और ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव जैसे नाम हर भारतीय जानता है। इनकी कहानियां सुनकर दिल में देशभक्ति जगती है। अब राष्ट्रपति भवन में इनके चित्र देखकर हर कोई इनकी वीरता को करीब से समझ सकेगा।

देशभर में विजय दिवस का उत्सव

विजय दिवस सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। पूरे देश में कार्यक्रम हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 1971 की जीत ने इतिहास में गौरव का पन्ना जोड़ा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।सेना की अलग-अलग कमांड्स ने भी शहीदों को याद किया। पुणे, कोलकाता और अन्य जगहों पर समारोह हुए। स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों ने देशभक्ति के कार्यक्रम पेश किए।

निष्कर्ष :

परम वीर दीर्घा का उद्घाटन विजय दिवस को और भी यादगार बना गया। यह सिर्फ एक गैलरी नहीं, बल्कि उन वीरों की अमर गाथा है, जिन्होंने देश को सुरक्षित रखा। आज के युवाओं को इन कहानियों से सीखना चाहिए कि देश के लिए कुछ भी करना पड़ सकता है।यह कदम बताता है कि भारत अब अपनी विरासत पर गर्व करता है। आने वाली पीढ़ियां जब राष्ट्रपति भवन आएंगी, तो ब्रिटिश अतीत की जगह अपने वीरों को देखेंगी। इससे देशभक्ति की भावना और मजबूत होगी।

विजय दिवस पर सभी सैनिकों को कोटि-कोटि नमन। जय हिंद!

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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