Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को समाप्त हो गया। यह सत्र 25 नवंबर से शुरू हुआ था और 20 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन एक दिन पहले ही खत्म कर दिया गया। लोकसभा की उत्पादकता 111 प्रतिशत और राज्यसभा की 90 प्रतिशत रही। सत्र में कुल 18 विधेयक पारित हुए। विपक्ष के हंगामे के बावजूद सरकार ने कई महत्वपूर्ण बिल पास कराए। सत्र के अंत में दोनों सदनों में सदन के नेताओं ने एक-दूसरे को धन्यवाद दिया।
लोकसभा में क्या हुआ?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन ने निर्धारित समय से ज्यादा काम किया। उत्पादकता 111 प्रतिशत रही। सदन में 18 विधेयक पारित हुए। कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। स्पीकर ने सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक, बोइंग (संशोधन) विधेयक और अन्य बिल पास हुए। विपक्ष ने कई मुद्दों पर हंगामा किया, लेकिन सरकार ने बिल पास कराए।
राज्यसभा में कैसा रहा सत्र?
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि सदन की उत्पादकता 90 प्रतिशत रही। सदन ने अच्छा काम किया। 18 विधेयक पारित हुए। सभापति ने सदस्यों से कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखें। हंगामा कम हो।
राज्यसभा में भी वक्फ बिल पर खूब बहस हुई। विपक्ष ने कई बार सदन की कार्यवाही रोकने की कोशिश की। लेकिन सरकार ने बिल पास करा लिए।
कुल कितने विधेयक पारित?
दोनों सदनों में कुल 18 विधेयक पारित हुए। इनमें वक्फ (संशोधन) विधेयक, बोइंग विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण बिल शामिल हैं। सरकार ने कहा कि यह सत्र उत्पादक रहा। विपक्ष ने कहा कि कई मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी गई।
विपक्ष का क्या कहना?
विपक्षी दलों ने सत्र को हंगामेदार बताया। वे कह रहे हैं कि सरकार ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी। मनिपुर हिंसा, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बहस की मांग की गई, लेकिन नहीं हुई। विपक्ष ने वक्फ बिल पर भी विरोध किया।
Parliament Winter Session: सत्र के मुख्य बिंदु
- सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन 19 दिसंबर को समाप्त।
- लोकसभा: 111% उत्पादकता।
- राज्यसभा: 90% उत्पादकता।
- 18 विधेयक पारित।
- हंगामा और स्थगन के बावजूद काम पूरा हुआ।
संसद का अगला सत्र बजट सत्र होगा। फरवरी 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। सत्र समाप्त होने पर सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी। उम्मीद है कि अगला सत्र ज्यादा शांतिपूर्ण और उत्पादक होगा।



