वाराणसी: बिहार में पहले चरण के मतदान के बाद सियासी पारा चढ़ चुका है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने गुरुवार को पटना में दावा किया कि जनता इस बार एनडीए सरकार से नाराज है, और यह नाराजगी अब ईवीएम में साफ दिखाई देगी।
“लोगों के चेहरे पर जो गुस्सा दिखा, वही ईवीएम में भी दिखेगा”
होटल मौर्य में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, “121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, लेकिन जो आक्रोश लोगों के चेहरे पर दिखा, वही अब मशीनों में भी झलकेगा। भाजपा के विधायकों, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को जनता ने विरोध का तीखा स्वाद चखा दिया है।”»
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में जनता ने यह साबित कर दिया है कि अब चुप्पी नहीं, जवाब देने का वक्त है।
“चुनाव आयोग सो रहा है या सोने का नाटक कर रहा है”
खेड़ा ने चुनाव आयोग पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं दिख रही है। “बिहार का मतदाता अब जाग चुका है, पर चुनाव आयोग या तो सो रहा है या सोने का नाटक कर रहा है। दिन भर में ऐसे कई उदाहरण सामने आए जिनसे साबित होता है कि एसआईआर सिर्फ एक ढकोसला है,”
उन्होंने कहा। खेड़ा ने दावा किया कि कई जगहों पर महागठबंधन समर्थकों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए, जबकि एनडीए समर्थकों के नाम यथावत हैं।
“दिल्ली में भी वोट, बिहार में भी वोट!”
उन्होंने राज्यसभा के पूर्व सांसद आर.के. सिन्हा का नाम लेते हुए कहा कि “वे दिल्ली के चुनाव में भी मतदान करते हैं और बिहार में भी। यह कैसा नियम है?” खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग ऐसे मामलों पर आंख मूंदे बैठा है, जिससे साफ है कि एकतरफा कार्रवाई हो रही है।
“तेजस्वी को रोक नहीं पाएंगे”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रशासनिक रुकावटों के बावजूद जनता ने तेजस्वी यादव के पक्ष में भारी मतदान किया है। दानापुर के कई इलाकों में नावें रोक दी गईं ताकि लोग मतदान केंद्र तक न पहुंच सकें, लेकिन जनता ने हार नहीं मानी। बिहार की महिलाएं, युवा, किसान और व्यापारी सभी ने गुस्से में एनडीए सरकार के खिलाफ वोट दिया है।
उन्होंने कहा कि यह गुस्सा सत्ता परिवर्तन की लहर में तब्दील होगा।
“पहले चरण का रुझान ही बता रहा है बदलाव की कहानी”
पवन खेड़ा ने कहा कि पहले चरण के नतीजे ही आने वाले रुझानों की दिशा तय करेंगे। “पहले चरण में ही जनता ने संकेत दे दिया है कि अगला मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव होंगे। आने वाले चरणों में महागठबंधन की पकड़ और मजबूत होगी और एनडीए का किला ढहने लगेगा।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के कई दिग्गज मौजूद
इस दौरान कांग्रेस के अन्य नेता — अभय दुबे, राजेश राठौड़, संजीव सिंह, जितेंद्र गुप्ता और शशि रंजन — भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि बिहार की जनता परिवर्तन चाहती है, और यह बदलाव अब अवरोध्य नहीं है।
निष्कर्ष:
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरम है। पवन खेड़ा के बयानों ने चुनावी माहौल को और तीखा बना दिया है। अब सबकी निगाहें उस “ईवीएम” पर हैं, जिसमें खेड़ा को जनता का गुस्सा झलकता दिख रहा है। क्या सच में यह गुस्सा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा पाएगा, यह आने वाले नतीजे ही तय करेंगे — लेकिन एक बात तय है, बिहार की जनता अब खामोश नहीं है।



