चाईबासा: कोल्हान यूनिवर्सिटी, चाईबासा के कॉमर्स विभाग की शोधार्थी डॉ. गायत्री कुमारी शर्मा का पीएचडी फाइनल वाइवा आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. रणविजय कुमार ने उनका मार्गदर्शन किया, जबकि जेपी यूनिवर्सिटी, छपरा (बिहार) से आए डॉ. लक्ष्मण सिंह ने एक्सटर्नल परीक्षक की भूमिका निभाई।
वाइवा के दौरान डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बिहार और झारखंड के शोध क्षेत्र में समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने दोनों राज्यों के शोधकर्ताओं को मिलकर कार्य करने और शिक्षा व शोध स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कॉमर्स विभाग की डीन डॉ. मंगला श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष डॉ. अजय वर्मा, डीआरसी सदस्य डॉ. अनिल पाठक, डॉ. संजीव सिंह, डॉ. सुनीता बांकीरा, प्रो. भवानी मोदी और अन्य शिक्षाविदों ने उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर डॉ. गायत्री कुमारी शर्मा के माता-पिता, कमला देवी और नंदलाल शर्मा, सहित उनके परिवारजन एवं कई छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे।
शोध के महत्व पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रणविजय कुमार ने रिसर्च स्कॉलर की मेहनत और शोध के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह शोध न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे शोध समुदाय के लिए प्रेरणादायक है। डॉ. लक्ष्मण सिंह ने भी अपने विचार साझा किए और शोध सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सफलता की शुभकामनाएं
डॉ. गायत्री कुमारी शर्मा की इस उपलब्धि पर सभी अतिथियों और परिवारजन ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में शोध के नए अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
यह आयोजन न केवल डॉ. गायत्री कुमारी शर्मा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ, बल्कि बिहार और झारखंड के शोध क्षेत्र में सहयोग और विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

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