जमशेदपुर: स्वच्छता की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मानगो क्षेत्र की जनता का आक्रोश शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पर फूट पड़ा। वरिष्ठ नागरिक समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मानगो नगर निगम क्षेत्र में व्याप्त गंदगी को साफ करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व शिवपूजन सिंह ने किया।
डर्टी सिटी बनता स्वच्छता का मॉडल शहर
शिवपूजन सिंह ने बताया कि जमशेदपुर, जो कभी क्लीन और ग्रीन सिटी के नाम से जाना जाता था, अब डर्टी सिटी में तब्दील हो रहा है। खासकर मानगो क्षेत्र में कचरे के ढेर, बदबू और गंदगी के कारण नागरिकों का जीना मुश्किल हो गया है। मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति (एमएमसी) द्वारा पिछले कई हफ्तों से कचरे का उठाव और निष्पादन नहीं किया गया है। गाड़ियों में कचरा जमा कर छोड़ दिया जाता है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है।
चार लाख की आबादी संकट में
मानगो क्षेत्र की चार लाख की आबादी इस गंदगी से प्रभावित है। क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका है, लेकिन जिला प्रशासन और मानगो नगर निगम समस्या का समाधान निकालने में नाकाम साबित हो रहे हैं। शिवपूजन सिंह ने उपायुक्त को याद दिलाया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के दौरान शहर से कचरे के खिलाफ जनआंदोलन चलाने का आह्वान किया गया था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण समस्या विकराल हो गई है।
48 घंटे की मोहलत, फिर आंदोलन
शिवपूजन सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर मानगो के कचरे का निष्पादन नहीं हुआ, तो जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के नेतृत्व में जोरदार जन-आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की असंवेदनशीलता और टाटा स्टील के सौतेले व्यवहार से क्षेत्र की जनता त्रस्त है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करेगी।
सरकार की जवाबदेही पर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि कचरे की यह समस्या केवल मानगो तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण पूरे शहर की छवि खराब हो रही है। उन्होंने जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालने की अपील की और जनांदोलन के लिए तैयार रहने की बात कही।

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