RBI Sovereign Gold Bond Update:आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना की पुरानी सीरीज के निवेशकों के लिए अच्छी खबर दी है। 2017-18 सीरीज के बॉन्ड, जो 11 दिसंबर 2017 को जारी हुए थे, पर परिपक्वता मूल्य 12,801 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। अगर आपने तब 2,954 रुपये प्रति यूनिट पर खरीदा था, तो अब सोने की कीमत में वृद्धि और 2.5% वार्षिक ब्याज से कुल लाभ मिलेगा। यह योजना केंद्र सरकार और आरबीआई की है, जो शारीरिक सोना खरीदने के बजाय डिजिटल निवेश को बढ़ावा देती है। छोटे शहरों और गांवों के निवेशक जो सोने में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह सुरक्षित विकल्प है। कोई स्टोरेज की चिंता नहीं, और कैपिटल गेन टैक्स भी माफी। योजना में कोई नया बदलाव नहीं, लेकिन पुराने निवेशकों को तुरंत फायदा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना क्या है

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2015 में शुरू हुई, जो सोने की कीमत से जुड़ी सरकारी सिक्योरिटी है। प्रत्येक यूनिट 1 ग्राम सोने के बराबर होती है। अवधि 8 साल की है, लेकिन 4 साल बाद निकासी संभव। ब्याज दर 2.5% सालाना है, जो आधी-आधी साल में मिलता है। परिपक्वता पर सोने की बाजार मूल्य + ब्याज मिलता है। खरीद सीमा व्यक्ति के लिए सालाना 4 किलो (संयुक्त रूप से 8 किलो) तक। न्यूनतम 2 ग्राम से शुरू। यह शारीरिक सोने से बेहतर है क्योंकि चोरी या स्टोरेज का डर नहीं। आरबीआई हर महीने इश्यू करता है, और कीमत बाजार पर निर्भर करती है।
2017-18 सीरीज का लाभ
2017-18 सीरीज के बॉन्ड 11 दिसंबर 2017 को जारी हुए। तब कीमत 2,954 रुपये प्रति यूनिट थी। अब परिपक्वता पर 12,801 रुपये मिलेंगे। इसमें सोने की कीमत में वृद्धि का लाभ और 2.5% ब्याज शामिल है। अगर आपने 10 यूनिट खरीदे थे, तो निवेश 29,540 रुपये का था, जो अब 1,28,010 रुपये हो जाएगा। यह लाभ टैक्स-फ्री है अगर 8 साल तक रखा जाए। छोटे निवेशकों के लिए यह योजना सोने में निवेश का सुरक्षित रास्ता साबित हुई।
RBI Sovereign Gold Bond Update: योग्यता और लाभ
सभी भारतीय नागरिक, HUF, ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी और चैरिटेबल संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं। NRI भी खरीद सकते हैं लेकिन ट्रांसफर नहीं। लाभ: कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं (परिपक्वता पर), ब्याज पर TDS कटता है लेकिन 80C में छूट संभव। निकासी परिपक्वता पर या 4 साल बाद। आवेदन स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन, SBI या पोस्ट ऑफिस से करें। यह योजना सोने के आयात को कम करती है और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है। नए निवेशक भी योजना में शामिल हो सकते हैं।



