Top 5 This Week

Related Posts

RG Kar case: बेटे तीर्थंकर की गिरफ्तारी से संतुछ नहीं रत्ना देबनाथ, बोलीं- “असली आरोपी निर्मल घोष”

Kolkata: आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में तृणमूल के पूर्व विधायक `निर्मल घोष` के बेटे `तीर्थंकर घोष` को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन पीड़िता की मां और पनिहाटी की भाजपा विधायक `रत्ना देबनाथ` का कहना है कि वो इस गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि “असली अपराधी” तीर्थंकर के पिता निर्मल घोष हैं।

क्या कहा रत्ना देबनाथ ने?

तीर्थंकर की गिरफ्तारी के बाद रत्ना देबनाथ ने कहा, “बेटा गिरफ्तार हुआ है, लेकिन जब तक पिता पकड़ा नहीं जाता तब तक लड़ाई जारी रहेगी। मेरी बेटी के शव को पिता के रूप में इन्हीं निर्मल घोष ने लिया था। इन्हीं लोगों ने सारे सबूत मिटाने का काम किया है।”

रत्ना ने आगे आरोप लगाया कि निर्मल घोष और तीर्थंकर घोष ने मिलकर पनिहाटी को “बर्बाद” कर दिया है। “पिता-पुत्र ने अध्यक्ष के साथ मिलकर पनिहाटी के सभी तालाबों को भर दिया और प्रमोटरों की मदद से वहां बड़ी-बड़ी इमारतें बना दीं। उन्होंने जमीनें हड़पी हैं, स्कूल तक हड़प लिए हैं। उनके भ्रष्टाचार का कोई अंत नहीं है।

क्या है पूरा आरजी कर मामला?

9 अगस्त 2024 को कोलकाता के `आरजी कर मेडिकल कॉलेज` के आपातकालीन भवन के सेमिनार हॉल से एक युवा महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। आरोप था कि उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई।

इस मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। पीड़िता के परिवार ने तब गंभीर आरोप लगाए थे कि शव को जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें। परिवार का आरोप था कि तत्कालीन तृणमूल विधायक `निर्मल घोष` की देखरेख में शव को अस्पताल से घर लाया गया और फौरन अंतिम संस्कार कर दिया गया।

राजनीतिक कनेक्शन भी सामने आया

इस मामले का पनिहाटी की राजनीति से भी सीधा कनेक्शन जुड़ा है। तीर्थंकर घोष ने तृणमूल उम्मीदवार के तौर पर पनिहाटी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन वो चुनाव `पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ` से हार गए थे। रत्ना अब पनिहाटी से भाजपा विधायक हैं।

रत्ना ने पनिहाटी के वर्तमान अध्यक्ष और तृणमूल नेता `सोमनाथ डे` और नगर पालिका के पूर्व पार्षद `संजीव मुखर्जी` की गिरफ्तारी के लिए भी याचिका दायर की है।

CBI ने फिर खोली जांच

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद आरजी कर मामले की फाइलें फिर से खोली गई हैं। `CBI` ने मामले की नई जांच शुरू कर दी है। 18 जून को CBI ने निर्मल घोष से भी पूछताछ की थी।

13 मई को जब रत्ना विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ले रही थीं, उसी दिन निर्मल घोष सियालदह अदालत में पेश हुए थे।

आगे क्या?

CBI अब इस पूरे मामले में साजिश, सबूत मिटाने और रसूख के इस्तेमाल के एंगल से जांच कर रही है। रत्ना देबनाथ का कहना है कि जब तक निर्मल घोष गिरफ्तार नहीं होते, उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।

इस गिरफ्तारी के बाद बंगाल की राजनीति फिर गरमा गई है। भाजपा इसे “सबूत मिटाने वाली साजिश” बता रही है, वहीं तृणमूल का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है।

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles