गोड्डा : झारखंड प्रदेश RJD महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने आज एक बयान जारी कर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर दिया गया बयान न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि यह सीधे-सीधे संविधान पर प्रहार है।
निशिकांत दुबे ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान में वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट की संभावित रोक को लेकर चेतावनी दी थी कि ऐसा हुआ तो देश में “धार्मिक युद्ध” छिड़ जाएगा और इसकी ज़िम्मेदारी खुद मुख्य न्यायाधीश की होगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा, “यह धमकी नहीं, संविधान की आत्मा पर हमला है। बाबा साहब अंबेडकर द्वारा निर्मित चट्टानी संविधान को चुनौती देना शर्मनाक और निंदनीय है।
यादव ने आरोप लगाया कि दुबे की यह टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा अगर पूर्ण बहुमत में आती है तो वह संविधान को बदलने का प्रयास कर सकती है। उन्होंने कहा, “धर्म और जाति के नाम पर समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति करना और न्यायपालिका को धमकाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
RJD नेता ने कहा कि निशिकांत दुबे न सिर्फ झारखंड जैसे प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य का अपमान कर रहे हैं, बल्कि गोड्डा की गरिमा भी गिरा रहे हैं। “ऐसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए,” उन्होंने कहा। गौरतलब है कि दुबे की इस टिप्पणी के करीब 10 घंटे बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने इसे दुबे की ‘निजी राय’ बताया, लेकिन यादव का कहना है कि “देश अब इसे इतनी आसानी से नहीं भूलेगा, क्योंकि भाजपा के कई नेता लगातार समाज को धर्म और जाति के आधार पर बाँटने की कोशिश कर रहे हैं।”
यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, “मोदी सरकार तमिलनाडु के राज्यपाल, उपराष्ट्रपति से लेकर सांसदों तक, सभी के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश पर असंवैधानिक टिप्पणियाँ करवा रही है। यह न केवल न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि यह देश को अघोषित आपातकाल की ओर धकेल रहा है।”

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