Tatsama Tadbhava Movie Review: OTT प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते सैकड़ों फिल्में और वेब सीरीज आती-जाती रहती हैं लेकिन उनमें से ज्यादातर देखने के कुछ घंटों बाद ही भूल जाती हैं। असली कमाल वो फिल्में करती हैं जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी दिमाग में चलती रहती हैं, जिनके सीन्स रात को सोते वक्त याद आते हैं और जिनके बारे में आप दोस्तों से बात करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। कन्नड़ सिनेमा की फिल्म ‘तत्सम तद्भव’ ठीक ऐसी ही एक फिल्म है। IMDb पर 7.5 की जबरदस्त रेटिंग हासिल कर चुकी इस सस्पेंस थ्रिलर की तुलना दर्शक मोहनलाल की सुपरहिट फिल्म ‘दृश्यम’ से कर रहे हैं और यह तुलना बेवजह नहीं है। अगर आपने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है तो इस वीकेंड के लिए इससे बेहतर कोई विकल्प नहीं है, और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे बिल्कुल मुफ्त में देख सकते हैं।
क्या है ‘तत्सम तद्भव’ की कहानी और क्यों यह बाकी थ्रिलर से अलग है

तत्सम तद्भव को लिखा और निर्देशित किया है विशाल आत्रेय ने और यह एक ऐसी कन्नड़ सस्पेंस थ्रिलर है जो पहले फ्रेम से ही आपको अपनी गिरफ्त में ले लेती है। कहानी की शुरुआत होती है एक साधारण से लापता व्यक्ति के मामले से जो देखने में बेहद आम लगता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, परतें खुलती जाती हैं और यह मामला एक पेचीदा हत्याकांड में तब्दील हो जाता है।
फिल्म का सबसे बड़ा और सबसे चौंकाने वाला मोड़ वो पल है जब एक पुराने बंद बक्से के अंदर से लाश बरामद होती है। यह एक ऐसा सीन है जो दर्शकों को सीट से चिपका देता है और फिर अगले कई मिनटों तक सांस लेना भूल जाते हैं। यही वो पल है जो तत्सम तद्भव को एक सामान्य क्राइम ड्रामा से उठाकर एक असली मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की श्रेणी में खड़ा कर देता है। निर्देशक विशाल आत्रेय ने पटकथा को इतनी चतुराई से बुना है कि दर्शक पूरी फिल्म के दौरान असली गुनहगार का अनुमान लगाने की कोशिश करते रहते हैं लेकिन क्लाइमेक्स तक पहुंचते-पहुंचते उनके सारे अनुमान गलत साबित हो जाते हैं। यही किसी थ्रिलर की असली सफलता होती है और ‘तत्सम तद्भव’ इसमें पूरी तरह खरी उतरती है। फिल्म की कुल लंबाई 2 घंटे 2 मिनट है और इसे सेंसर बोर्ड से U/A सर्टिफिकेट मिला है यानी परिवार के साथ बैठकर भी देखी जा सकती है।
मेघना राज और प्रज्वल देवराज की जोड़ी ने किया कमाल, बॉक्स ऑफिस पर भी चमकी फिल्म
तत्सम तद्भव की सबसे बड़ी ताकत है इसकी स्टारकास्ट। फिल्म में मुख्य किरदार निभाए हैं मेघना राज और प्रज्वल देवराज ने। मेघना राज कन्नड़ सिनेमा का एक बेहद सम्मानित नाम हैं और अपने हर किरदार में जान डालने के लिए जानी जाती हैं। इस फिल्म में भी उनका अभिनय देखने लायक है। उनके चेहरे पर हर इमोशन इतनी सफाई से दिखता है कि दर्शक खुद उनके किरदार के साथ जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
प्रज्वल देवराज ने भी अपने रोल को बड़े सधे हुए अंदाज में निभाया है। दोनों की केमिस्ट्री फिल्म को और भी ज्यादा असरदार बनाती है। यही वजह है कि जब फिल्म 2023 में सिनेमाघरों में आई तो कन्नड़ दर्शकों ने इसे हाथोंहाथ लिया। यह फिल्म उस साल कन्नड़ सिनेमा की टॉप 10 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रही जो किसी भी सस्पेंस थ्रिलर के लिए बड़ी बात है क्योंकि आमतौर पर इस तरह की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर एक्शन या रोमांस फिल्मों के मुकाबले पीछे रह जाती हैं।
फिल्म समीक्षकों ने भी ‘तत्सम तद्भव’ की जमकर तारीफ की। इसकी कसावट भरी स्क्रिप्ट, बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी और शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक को खास तौर पर सराहा गया। IMDb पर 7.5 की रेटिंग यह बताती है कि यह फिल्म सिर्फ कन्नड़ बोलने वाले दर्शकों तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे देश के फिल्म प्रेमियों ने इसे पसंद किया।
Tatsama Tadbhava Movie Review: दृश्यम से क्यों की जा रही है तुलना और कहां देखें यह फिल्म बिल्कुल फ्री में
जब भी दक्षिण भारतीय सिनेमा में कोई थ्रिलर आती है जो दर्शकों को आखिरी सीन तक बांधे रखे और क्लाइमेक्स में उन्हें चौंका दे तो उसकी तुलना मोहनलाल की ‘दृश्यम’ से होना लगभग तय हो जाता है। ‘दृश्यम’ ने दक्षिण भारतीय थ्रिलर सिनेमा के लिए एक ऐसा मानक तय किया है जिसे पार करना बेहद मुश्किल है। ‘तत्सम तद्भव’ की तुलना ‘दृश्यम’ से इसलिए हो रही है क्योंकि दोनों फिल्मों में एक बंद घर के भीतर छुपाए गए राज और जांच की परतें कहानी को आगे ले जाती हैं।
जिस तरह ‘दृश्यम’ में दर्शक पूरी फिल्म में अपराध की सच्चाई खोजते रहते हैं उसी तरह ‘तत्सम तद्भव’ भी दर्शकों को एक मानसिक खेल में उलझाए रखती है। जो लोग ‘दृश्यम’ जैसी फिल्में देखकर थ्रिलर सिनेमा के दीवाने हो गए हैं उनके लिए ‘तत्सम तद्भव’ किसी तोहफे से कम नहीं है। फिल्म विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में क्राइम थ्रिलर की जो परंपरा ‘दृश्यम’ ने शुरू की थी, ‘तत्सम तद्भव’ उसी विरासत को आगे बढ़ाती है।
अब सबसे जरूरी सवाल यह है कि आप इस फिल्म को कहां और कैसे देखें। इसके दो आसान विकल्प हैं। पहला यह कि अगर आपके पास Amazon Prime Video की सदस्यता है तो आप वहां इस फिल्म को देख सकते हैं। दूसरा और सबसे अच्छा विकल्प यह है कि यह फिल्म YouTube पर बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध है। यानी आपको कोई पैसा खर्च नहीं करना, कोई सब्सक्रिप्शन नहीं लेना बस YouTube खोलिए, ‘तत्सम तद्भव’ सर्च कीजिए और अगले दो घंटे एक लाजवाब सस्पेंस थ्रिलर के साथ बिताइए।
कन्नड़ सिनेमा पिछले कुछ सालों में जिस तेजी से आगे बढ़ा है वो काबिले तारीफ है। KGF के बाद से कन्नड़ फिल्मों ने पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है और ‘तत्सम तद्भव’ इसी सिलसिले की एक और मजबूत कड़ी है। इस फिल्म को देखकर आप न सिर्फ एक शानदार सिनेमाई अनुभव लेंगे बल्कि यह भी समझ पाएंगे कि कन्नड़ सिनेमा में सिर्फ एक्शन और मसाला ही नहीं बल्कि गहरी और दमदार कहानियां भी बनती हैं।
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