वाराणसी – हरियाणा के नूंह जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह घने कोहरे ने बड़ा हादसा करा दिया। कम दिखाई देने की वजह से कई वाहन आपस में टकरा गए। इस दर्दनाक घटना में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के इंस्पेक्टर हरिश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और हादसे की जांच की जा रही है।
हादसा कैसे हुआ?
सुबह करीब चार-पांच बजे नूंह के पिनगवां थाना क्षेत्र में गांव रनियाला पटाकपुर के पास यह हादसा हुआ। घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे सड़क पर कुछ मीटर दूर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इसी वजह से 10-12 छोटे वाहन और दो ट्रक एक के बाद एक आपस में भिड़ गए।टक्कर इतनी तेज थी कि कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। CISF इंस्पेक्टर हरिश कुमार अपनी गाड़ी में सवार थे। टक्कर के झटके से उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति की भी जान चली गई। पुलिस के मुताबिक, इस जगह पर मुख्य हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
अन्य जगहों पर भी टक्करें
नूंह में ही एक अन्य जगह पर भी कोहरे की वजह से हादसा हुआ। गांव बनारसी के पास पिलर नंबर 45 के करीब 7-8 वाहन आपस में टकरा गए। यहां कोई मौत नहीं हुई, लेकिन कई वाहन बुरी तरह डैमेज हो गए।इसके अलावा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आसपास फरीदाबाद और अन्य इलाकों में भी कोहरे से कई छोटे-बड़े हादसे हुए। कुल मिलाकर, अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल मांडीखेड़ा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सड़क पर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई। अच्छी बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर ज्यादा जाम नहीं लगा और ट्रैफिक जल्द बहाल हो गया।पुलिस ने बताया कि कोहरे की वजह से विजिबिलिटी बहुत कम थी, इसलिए ड्राइवरों को आगे की गाड़ी दिखाई नहीं दी और चेन रिएक्शन की तरह टक्करें हुईं।
कोहरे ने पूरे इलाके में मचाया कहर
इस साल सर्दी में पहली बार इतना घना कोहरा पड़ा है। हरियाणा के कई जिलों जैसे नूंह, फरीदाबाद, सोनीपत और गुरुग्राम में विजिबिलिटी सिर्फ 5-10 मीटर तक रह गई। इसी वजह से सड़कों पर हादसे बढ़ गए।मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कोहरा छाएगा और ड्राइवरों को सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन तेज रफ्तार और लापरवाही की वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
सुरक्षा के लिए क्या करें? ऐसे हादसों से बचने के लिए ड्राइवरों को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
. कोहरे में गाड़ी की स्पीड कम रखें।
. फॉग लाइट्स जलाएं और हेडलाइट्स को लो बीम पर रखें।
. आगे की गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
. जरूरत पड़ने पर सड़क किनारे रुक जाएं, लेकिन सुरक्षित जगह पर।
. एक्सप्रेसवे पर हमेशा अलर्ट रहें, क्योंकि यहां स्पीड ज्यादा होती है।
सरकार और हाईवे अथॉरिटी को भी कोहरे के दिनों में ज्यादा साइन बोर्ड लगाने और स्पीड लिमिट सख्त करने की जरूरत है।
निष्कर्ष:
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की याद दिलाता है। CISF इंस्पेक्टर हरिश कुमार जैसे बहादुर जवान की मौत बहुत दुखद है। वे देश की सुरक्षा में लगे थे, लेकिन एक साधारण हादसे में उनकी जान चली गई। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।सर्दी के मौसम में कोहरा हर साल जान लेता है। अगर हम सब सावधानी बरतें – ड्राइवर, पैदल चलने वाले और अधिकारी – तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। सुरक्षित यात्रा ही सबसे अच्छी यात्रा है। परिवारों को यह दुख सहन करने की शक्ति मिले।



