Tests to Prevent Heart Attack Risk: हर साल लाखों लोग हार्ट अटैक से अपनी जान गंवा देते हैं। भारत में हार्ट डिजीज सबसे बड़ी मौत का कारण है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर कुछ बेसिक टेस्ट करवाने से हार्ट अटैक का खतरा 80% तक कम हो सकता है। सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। अगर आप 40 साल से ऊपर हैं या परिवार में हार्ट की बीमारी है तो ये 5 टेस्ट जरूर करवाएं।
1. लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (कोलेस्ट्रॉल टेस्ट)
यह टेस्ट सबसे जरूरी है। इसमें कुल कोलेस्ट्रॉल, HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच होती है। ज्यादा LDL और कम HDL हार्ट अटैक का बड़ा कारण है।
कब करवाएं?: हर साल या डॉक्टर की सलाह पर।
खास बात: खाली पेट टेस्ट करवाएं।
2. ब्लड प्रेशर चेकअप
हाई ब्लड प्रेशर “साइलेंट किलर” कहलाता है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है।
कब करवाएं?: हर 3-6 महीने में।
खास बात: घर पर भी मशीन से चेक करें। 140/90 से ऊपर हो तो डॉक्टर से मिलें।
3. इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG)
ECG हार्ट की विद्युत गतिविधि जांचता है। इससे अनियमित धड़कन, पुराना हार्ट अटैक या अन्य समस्याएं पता चलती हैं।
कब करवाएं?: 40 साल के बाद साल में एक बार या लक्षण होने पर।
खास बात: सस्ता और तुरंत रिजल्ट देता है।
4. इकोकार्डियोग्राफी (2D Echo)
यह अल्ट्रासाउंड से हार्ट की संरचना और पंपिंग क्षमता जांचता है। इससे वाल्व, चैंबर और मांसपेशियों की जानकारी मिलती है।
कब करवाएं?: हाई रिस्क वाले लोगों को हर 1-2 साल में।
खास बात: हार्ट की कमजोरी पहले पता चल जाती है।
5. स्ट्रेस टेस्ट (ट्रेडमिल टेस्ट)
यह टेस्ट हार्ट की क्षमता जांचता है। व्यायाम के दौरान हार्ट की स्थिति देखी जाती है।
कब करवाएं?: 40 साल के बाद या लक्षण होने पर।
खास बात: ब्लॉकेज का शुरुआती संकेत देता है।
Tests to Prevent Heart Attack Risk: डॉक्टरों की सलाह
- 40 साल से ऊपर हर साल ये टेस्ट करवाएं।
- परिवार में हार्ट अटैक का इतिहास हो तो 35 साल से शुरू करें।
- स्मोकिंग, शराब, तनाव और मोटापा से बचें।
- रोज 30 मिनट व्यायाम और हेल्दी डाइट लें।
हार्ट अटैक से पहले लक्षण दिखते हैं। समय पर टेस्ट से जान बच सकती है। डॉक्टर से मिलकर अपना रिस्क पता करें। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।



