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अखिलेश यादव के भाई प्रतीक से मांगी गई 5 करोड़ की रंगदारी, नहीं देने पर POCSO एक्ट में फंसाने की धमकी

उत्तर प्रदेश की राजधानी में सोमवार को एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया, जिसमें समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। शिकायत के अनुसार, पैसे नहीं देने पर उन्हें POCSO (पॉक्सो) एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई है।

घटना की जानकारी मिलते ही गौतमपल्ली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला राजनैतिक और कारोबारी दोनों ही दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

प्रतीक यादव ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2011-12 में उनकी मुलाकात एक व्यक्ति कृष्णानंद पांडेय से हुई थी। दोनों के बीच कारोबारी साझेदारी को लेकर बातचीत शुरू हुई। इसके बाद 25 मई 2015 को लखनऊ में एक कंपनी रजिस्टर की गई, जिसमें प्रतीक यादव ने निवेश किया।

लेकिन कुछ समय बाद जब प्रतीक ने अपने निवेश किए गए पैसों की मांग की तो कृष्णानंद पांडेय टालमटोल करने लगा। आरोप है कि जब पैसों की मांग बार-बार की गई, तो कृष्णानंद ने 5 करोड़ की रंगदारी मांगते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें पॉक्सो एक्ट के तहत झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा।

पुलिस जांच में जुटी

गंभीर आरोपों के मद्देनज़र गौतमपल्ली थाने की पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कृष्णानंद पांडेय और उसके सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फोन कॉल्स और लेनदेन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

राजनैतिक हलकों में हलचल

प्रतीक यादव का संबंध एक तरफ समाजवादी पार्टी के संस्थापक परिवार से है, तो दूसरी ओर उनकी पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय नेत्री हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।

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