West Bengal SIR Protest: पश्चिम बंगाल में चुनावी रोल की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दूसरे चरण की शुरुआत पर सियासत गरम हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका जोरदार विरोध जताते हुए कोलकाता में एक बड़ा रैली मार्च निकाला। ममता बनर्जी SIR विरोध में हजारों तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। यह 3.8 किलोमीटर लंबा मार्च रेड रोड पर बीआर आंबेडकर की प्रतिमा से शुरू होकर रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर समाप्त हुआ। SIR बंगाल विरोध रैली ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। TMC का कहना है कि यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट में हेरफेर का जरिया बनेगी।
SIR क्या है? क्यों मचा है बंगाल में हंगामा?

विशेष गहन संशोधन SIR 4 नवंबर 2025 से पश्चिम बंगाल समेत 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुआ। इसका मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना है। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर फॉर्म बांट रहे हैं और जानकारी इकट्ठा कर रहे। गैर-निवासियों के लिए ऑनलाइन फॉर्म की सुविधा है, लेकिन तकनीकी खराबी से यह 1-2 दिन लेट हो गई। TMC का आरोप है कि भाजपा वाली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग मिलकर “चुपचाप अदृश्य हेरफेर” कर रहे हैं। ममता बनर्जी SIR विरोध में उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है। बंगाल की जनता इसका जवाब देगी। यह विरोध भविष्य के चुनावों को प्रभावित कर सकता है।
West Bengal SIR Protest: कोलकाता रैली में क्या-क्या दिखा? TMC का जोरदार प्रदर्शन
ममता बनर्जी रैली कोलकाता में सुबह से ही उत्साह चरम पर था। बीआर आंबेडकर प्रतिमा पर शुरू हुआ मार्च रेड रोड से गुजरा। TMC के झंडे लहराए, नारे गूंजे और रंग-बिरंगे पोस्टर दिखे। ममता रास्ते में बालकनी और फुटपाथ पर लोगों को अभिवादन करती रहीं। अभिषेक बनर्जी ने भीड़ को हाथ हिलाकर प्रोत्साहित किया। वरिष्ठ TMC नेता और मंत्री भी साथ चले। मार्च जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर खत्म हुआ, जहां भाषण हुए। TMC कार्यकर्ताओं ने कहा, “SIR से वोट चोरी रुकेगी नहीं, लेकिन हम लड़ेेंगे।” यह रैली TMC की ताकत दिखाने का मौका बनी। हजारों लोग शामिल हुए, जो बंगाल की सियासत में नया संदेश दे रही है।
राजनीतिक असर: TMC vs केंद्र, क्या होगा आगे?
SIR पश्चिम बंगाल विरोध से TMC और केंद्र के बीच तनाव बढ़ गया। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि भाजपा चुनावी चालें चला रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह पारदर्शी प्रक्रिया है। लेकिन TMC इसे “अदृश्य हेरफेर” बता रही। बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में यह मुद्दा बड़ा बन सकता है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “हम जनता के साथ खड़े हैं।” विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विरोध TMC को मजबूत करेगा। बंगाल की जनता अब SIR पर नजर रखेगी। अगर हेरफेर साबित हुआ, तो बड़ा विवाद खड़ेगा। TMC कार्यकर्ता सतर्क हैं।



