जम्मू।भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने सलाल बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं। इस कदम से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले भारत ने सिंधु जल संधि को प्रभावहीन करते हुए इस बांध से पाकिस्तान की ओर पानी का प्रवाह रोक दिया था।
यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में उठाए गए रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है। भारत की यह नीति पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ जल संसाधनों का भी रणनीतिक उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भी जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में गुरुवार रात करीब 11 बजे संदिग्ध आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर की गई इस कोशिश को बीएसएफ ने मस्तैदी से नाकाम कर दिया।
शुक्रवार तड़के जम्मू शहर में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके कारण तुरंत ब्लैकआउट घोषित कर दिया गया। यह हमले पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के प्रयास के तहत किए गए थे, जिन्हें भारतीय वायुसेना और थल सेना की संयुक्त तैयारियों ने विफल कर दिया। वीडियो फुटेज में आसमान में उड़ते ड्रोन और मिसाइलों को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम – एस-400, आकाश मिसाइल और काउंटर-UAS सिस्टम द्वारा निष्क्रिय करते हुए देखा गया।
पुंछ, राजौरी और जम्मू जिलों में पाकिस्तान की ओर से सीज़फायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी की गई, जिसका भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
इन घटनाओं के बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से सभी स्कूल-कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद करने का आदेश दिया है। जम्मू के उपायुक्त ने नागरिकों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
यह घटनाक्रम भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की गंभीरता को दर्शाता है, जहां सैन्य और जल संसाधनों दोनों का रणनीतिक उपयोग किया जा रहा है।

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