Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव यानी विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का रण सज चुका है। बुधवार को होने वाले मतदान से पहले आज का दिन करीब 12.9 लाख लोगों के लिए बेहद निर्णायक होने वाला है। राज्य के सात जिलों में फैले 142 विधानसभा क्षेत्रों के ये वो मतदाता हैं, जिनके नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। सोमवार को एसआईआर ट्रिब्यूनल की अंतिम लिस्ट आने वाली है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि इनमें से कितने भाग्यशाली लोगों को दोबारा वोट डालने का अधिकार मिल पाएगा।
Bengal Chunav 2026: सप्लीमेंट्री लिस्ट पर टिकी हैं सबकी नजरें
चुनाव आयोग के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, मतदान से ठीक 48 घंटे पहले उन नामों को सप्लीमेंट्री (पूरक) वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सकता है, जिन्हें ट्रिब्यूनल से हरी झंडी मिल गई हो। दूसरे चरण के लिए मतदान बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को होना है, ऐसे में सोमवार शाम तक आने वाली यह लिस्ट ही इन लाखों लोगों की आखिरी उम्मीद है। अगर आज नाम नहीं जुड़ा, तो ये लोग इस बार अपनी सरकार चुनने की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
पहले चरण के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

वोटर लिस्ट से नाम कटने का दर्द झेल रहे लोगों के बीच पहले चरण के नतीजों को लेकर काफी डर और निराशा है। दरअसल, पहले चरण के दौरान भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे, लेकिन जब ट्रिब्यूनल का फैसला आया, तो केवल 139 मतदाताओं को ही दोबारा शामिल किया गया था। वहीं आठ लोगों को पूरी तरह प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसी कम ‘क्लियरेंस रेट’ को देखते हुए आम जनता के बीच काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस बार ट्रिब्यूनल को काम करने के लिए थोड़ा अधिक समय मिला है, जिससे सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद पहले से ज्यादा है।
Bengal Chunav 2026: इन जिलों में सबसे ज्यादा कटे नाम
मतदाता सूची में हुई इस कटौती का असर राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों पर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर 24 परगना में सबसे अधिक 3.3 लाख नाम खारिज किए गए हैं। इसके बाद दक्षिण 24 परगना में 2.2 लाख, पूर्व बर्धमान में 2.09 लाख और नदिया जिले में 2.08 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। कोलकाता शहर और उसके आसपास के इलाकों की बात करें तो कोलकाता में कुल 67,632 नाम हटाए गए हैं, जिनमें कोलकाता पोर्ट से 13,395 और चौरंगी विधानसभा क्षेत्र से 10,424 नाम शामिल हैं।
मेटियाब्रुज और राजारहाट में स्थिति गंभीर
विधानसभा क्षेत्रवार विश्लेषण करें तो दक्षिण 24 परगना का मेटियाब्रुज इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहा है। यहाँ अकेले 39,579 मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब हैं। इसी तरह राजारहाट-न्यू टाउन में 24,132, राणाघाट नॉर्थ ईस्ट में 20,796, गायघाटा में 19,638 और राणाघाट साउथ में 17,411 नाम डिलीट किए गए हैं। इन भारी-भरकम आंकड़ों ने राजनीतिक दलों की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं का बाहर होना चुनावी नतीजों को पूरी तरह बदल सकता है।
Bengal Chunav 2026: मतदाताओं का दर्द और उम्मीद
सूची से नाम हटने के कारण आम लोगों में भारी बेचैनी है। एंटली के रहने वाले शमीम अख्तर का कहना है कि पहले चरण के दौरान जिस तरह बहुत कम लोगों के नाम वापस आए थे, उसे देखकर उन्हें अधिक उम्मीद नहीं है। वहीं, पूर्व बर्धमान की रहने वाली नर्स रेणु खातून ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नागरिक के तौर पर वोट देना उनका मौलिक अधिकार है और इसे खोने का डर उन्हें सता रहा है। उनके जैसे लाखों लोग आज सुबह से ही चुनाव आयोग की वेबसाइट और ट्रिब्यूनल के नोटिस बोर्ड पर नजरें गड़ाए बैठे हैं।
Bengal Chunav 2026: चुनावी प्रक्रिया पर क्या होगा असर?
इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का नाम हटना पश्चिम बंगाल के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों को सोमवार तक ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें ही मतदान प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा। विपक्षी दलों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस बड़े पैमाने पर हुई कटौती पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पारदर्शिता के साथ की गई है।
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