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झारखंड विधानसभा बजट सत्र से पहले सर्वदलीय हुई बैठक, 24 फरवरी को पेश होगा नया बजट

Jharkhand Budget Session: झारखंड विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र कल 18 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो 19 मार्च तक चलेगा। इस सत्र की खासियत यह है कि विधानसभा की कार्यवाही अब डिजिटल और पेपरलेस हो जाएगी, जिससे कागज की बचत के साथ-साथ प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज बनेगी। राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को सदन में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार इस बजट के माध्यम से अपनी प्रमुख योजनाओं को मजबूती देने की तैयारी में जुटी है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने को तैयार दिख रहा है।

सत्र से पहले की तैयारियां पूरी

Jharkhand Budget Session
Jharkhand Budget Session

बजट सत्र की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आज 17 फरवरी को दोपहर एक बजे विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो के कक्ष में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित सभी प्रमुख दल के नेता शामिल हुए। इस बैठक में सदन की कार्यवाही, विधि-व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें सत्र की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। सत्र के दौरान शोक प्रस्ताव भी लिया जाएगा, जबकि 19 फरवरी को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा। इस पर चर्चा के बाद सरकार अपना पक्ष रखेगी।

डिजिटल और पेपरलेस कार्यवाही की नई शुरुआत

इस बजट सत्र की सबसे बड़ी विशेषता नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के माध्यम से कार्यवाही को डिजिटल बनाना है। विधायकों को टैबलेट वितरित किए गए हैं, जिससे प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, दस्तावेज और अन्य सामग्री डिजिटल रूप से साझा की जाएगी। इससे सदन में कागज की खपत में भारी कमी आएगी और प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में विधानसभा परिसर में नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया था, जहां विधायकों को प्रशिक्षण भी दिया गया। यह कदम डिजिटल इंडिया के लक्ष्य से जुड़ा है और विधानसभा को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम है। पूरी तरह पेपरलेस कार्यवाही मानसून सत्र से लागू होने की संभावना है, लेकिन बजट सत्र में इसका आंशिक उपयोग शुरू हो जाएगा।

बजट पेश करने का कार्यक्रम और प्रमुख तिथियां

सत्र का वित्तीय कैलेंडर काफी व्यस्त रहने वाला है। 20 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी सदन में रखी जाएगी। 23 फरवरी को अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी। मुख्य आकर्षण 24 फरवरी को होगा, जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन के पटल पर रखेंगे।

25 फरवरी से बजट पर सामान्य चर्चा शुरू होगी। सत्र 19 मार्च को गैर-सरकारी संकल्पों के साथ समाप्त होगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट पिछले वर्ष से काफी बड़ा हो सकता है, जिसमें पिछले बजट के मुकाबले 8-10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। अनुमान है कि बजट का आकार 1.60 लाख करोड़ से 1.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

सरकार की प्रमुख योजनाएं और फोकस क्षेत्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार इस बजट में अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता देगी। अबुआ आवास योजना, मंइयां सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन जैसी स्कीमों को अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश किया जाएगा। ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत ढांचा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

सरकार महिला किसानों और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली नई घोषणाएं कर सकती है, क्योंकि राज्य में कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है। साथ ही, अबुआ दिशोम बजट की अवधारणा के तहत जनता से सुझाव लिए गए थे, जिससे बजट अधिक समावेशी बनेगा।

विपक्ष की रणनीति और संभावित मुद्दे

विपक्षी दल, खासकर भाजपा और आजसू, सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, स्थानीय नीतियों और विकास कार्यों की गति पर हमला बोलने की तैयारी में हैं। वे सदन में इन मुद्दों पर तीखे सवाल उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। सत्र के दौरान बहस काफी गरमाने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीतियां अंतिम रूप दे चुके हैं।

Jharkhand Budget Session: राज्य की आर्थिक स्थिति और चुनौतियां

झारखंड की अर्थव्यवस्था खनन पर निर्भर रही है, लेकिन सरकार अब विविधीकरण की दिशा में कदम उठा रही है। हाल के वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के जरिए विकास को गति दी गई है। इस बजट से उम्मीद है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और रोजगार सृजन पर अधिक आवंटन होगा।

डिजिटल पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि विधायी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। राज्य सरकार का फोकस अबुआ दिशोम यानी हमारा राज्य की भावना पर है, जिससे हर वर्ग तक लाभ पहुंचे।

यह बजट सत्र झारखंड के विकास की दिशा तय करेगा। डिजिटल संक्रमण के साथ-साथ वित्तीय घोषणाएं राज्य की प्रगति को नई गति देंगी। सभी की निगाहें 24 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री सदन में बजट पेश करेंगे।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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