Bihar Government Job: बिहार सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में चालक सिपाही के 30 नए पदों का सृजन किया है। साथ ही राज्य में चौकीदार, दफादार की नियुक्ति के लिए बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली 2026 का प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है। ये दोनों निर्णय रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रशासनिक दक्षता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
निगरानी ब्यूरो में 30 चालक सिपाही पदों की स्वीकृति
बिहार पुलिस मुख्यालय ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में बढ़ते दायित्वों और कार्यभार को देखते हुए चालक सिपाही के 30 अतिरिक्त पदों को मंजूरी प्रदान की है। यह निर्णय ब्यूरो की कार्यक्षमता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहले की स्थिति और चुनौतियां:
इससे पूर्व निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में मात्र 3 (तीन) चालक सिपाही के पद ही स्वीकृत थे। इतने सीमित संसाधनों के कारण ब्यूरो को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से क्षेत्रीय जांच, छापेमारी और आकस्मिक कार्रवाई करते समय वाहन और चालक की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती थी। कई बार महत्वपूर्ण मामलों में भी तत्काल कार्रवाई में देरी होती थी क्योंकि पर्याप्त चालक उपलब्ध नहीं होते थे।
नए पदों से होने वाले लाभ:
अधिकारियों के अनुसार, 30 नए चालक सिपाही पदों के सृजन से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इन अतिरिक्त पदों से निम्नलिखित लाभ अपेक्षित हैं:
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छापेमारी और जांच अभियानों में समय की बचत होगी
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विभिन्न जिलों में एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई करना संभव हो सकेगा
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निगरानी गतिविधियों में तेजी आएगी
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आकस्मिक मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया देना आसान होगा
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भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी
यह निर्णय बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली 2026

बिहार सरकार ने राज्य में चौकीदार और दफादार की नियुक्ति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली 2026 का प्रारूप तैयार किया है।
वर्तमान स्थिति:
इस प्रारूप को अंतिम रूप देने से पहले बिहार पुलिस के क्षेत्रीय पदाधिकारियों से मंतव्य और सुझाव मांगे जा रहे हैं। सभी सुझावों और संशोधनों के बाद गृह विभाग के स्तर पर इस नियमावली की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
संवर्ग की संरचना:
प्रारूप के अनुसार, बिहार चौकीदार संवर्ग में चौकीदार मूल कोटि का पद होगा। यह संवर्ग जिला स्तरीय होगा, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक जिले में अलग से चौकीदार संवर्ग होगा। संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) इस संवर्ग के नियुक्ति और नियंत्रण प्राधिकार होंगे।
शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यकताएं
चौकीदार पद पर नियुक्ति के लिए निम्नलिखित योग्यताएं निर्धारित की गई हैं:
शैक्षणिक योग्यता:
अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से 10वीं कक्षा अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
विशेष कौशल:
अभ्यर्थी को साइकिल चलाने का ज्ञान आवश्यक होगा। यह आवश्यकता इसलिए रखी गई है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदारों को अक्सर साइकिल पर गश्त करनी होती है।
निवास संबंधी शर्त:
अभ्यर्थी को केवल अपने स्थायी निवासी जिले के चौकीदार रिक्त पद के विरुद्ध ही आवेदन करने की अनुमति होगी। यह प्रावधान स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने और क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी सुनिश्चित करने के लिए रखा गया है।
आयु सीमा:
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों के लिए नियमानुसार आयु में छूट लागू होगी।
Bihar Government Job: भर्ती प्रक्रिया
रिक्तियों की गणना और अधियाचना:
प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी को अपने जिले में चौकीदार पद पर सीधी नियुक्ति हेतु प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल की स्थिति के आधार पर रिक्तियों की गणना करनी होगी। सक्षम प्राधिकार से रोस्टर क्लियरेंस कराते हुए कोटिवार (सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिला आदि) रिक्तियों की अधियाचना 30 अप्रैल तक गृह विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
चयन प्रक्रिया:
चयन संस्थान द्वारा दो स्तरों पर चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी:
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लिखित परीक्षा (75 अंक): इसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान, गणित और तर्कशक्ति से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
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शारीरिक परीक्षा (50 अंक): इसमें दौड़, लंबी कूद और अन्य शारीरिक क्षमता परीक्षण शामिल हो सकते हैं।
अंतिम चयन:
कुल 125 अंकों की इस संयुक्त परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर जिलावार मेधा सूची तैयार की जाएगी। अंतिम रूप से अभ्यर्थियों का चयन इस मेधा सूची एवं कोटिवार रिक्तियों के आधार पर किया जाएगा।
यह नियमावली चौकीदार भर्ती को पारदर्शी, योग्यता-आधारित और निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे बिहार में सैकड़ों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।



