Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में अब महज दो महीने का समय बचा है और भारतीय जनता पार्टी ने अपना सबसे बड़ा चुनावी दांव खेलने की तैयारी कर ली है। 1 मार्च 2026 से शुरू होने वाली ‘परिवर्तन यात्रा’ को BJP ने न केवल एक चुनावी अभियान बल्कि अपनी संगठनात्मक ताकत की परीक्षा के रूप में देखा है। 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली यह यात्रा राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। गृह मंत्री अमित शाह रायदिघि से इसका शुभारंभ करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करके यात्रा का समापन करेंगे। यह यात्रा 2021 में सत्ता से बाहर हो चुकी BJP के लिए ममता बनर्जी की TMC सरकार के खिलाफ सत्ता परिवर्तन की जंग का सबसे बड़ा हथियार बनने वाली है।
परिवर्तन यात्रा का विस्तार और रणनीति

BJP ने परिवर्तन यात्रा को राज्य के 10 संगठनात्मक प्रभागों में से 9 में आयोजित करने का निर्णय लिया है। केवल कोलकाता महानगर प्रभाग को इससे अलग रखा गया है क्योंकि वहां का काम समापन रैली के आयोजन का है। 1 मार्च को यात्रा की शुरुआत एक साथ पांच स्थानों से होगी जिनमें कूचबिहार, कृष्णानगर, कुल्टी, गड़बेटा और रायदिघि शामिल हैं। 2 मार्च को इस्लामपुर, हासन, संदेशखाली और आमता से भी यात्राएं शुरू होंगी। इस तरह एकसाथ नौ यात्राएं अलग-अलग दिशाओं से निकलकर पूरे राज्य को राजनीतिक रूप से ढकने की कोशिश करेंगी। यात्राएं हर विधानसभा क्षेत्र से गुजरेंगी जिससे बूथ स्तर तक पार्टी की उपस्थिति सुनिश्चित होगी।
केंद्रीय नेतृत्व का अभूतपूर्व जमावड़ा
इस बार BJP ने 2021 के चुनाव से बड़ा और अधिक व्यापक केंद्रीय नेतृत्व का जमावड़ा बंगाल में लगाया है। 48 घंटों के भीतर कम से कम आठ केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय स्तर के नेता राज्य में पहुंचेंगे। गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान और अन्नपूर्णा देवी समेत कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग स्थानों पर यात्रा का नेतृत्व करेंगे। हालांकि अंतिम समय में कुछ बदलाव भी हुए और नितिन गडकरी तथा स्मृति ईरानी की जगह शिवराज सिंह चौहान और अन्नपूर्णा देवी को शामिल किया गया। मिथुन चक्रवर्ती, अग्निमित्र पॉल, अभिजीत गांगोपाध्याय, सौमेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और रुद्रनील घोष जैसे राज्य स्तरीय नेता भी विभिन्न जिलों में यात्राओं का हिस्सा बनेंगे।
2021 से अलग है इस बार की रणनीति
2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने प्रतिद्वंद्वी दलों के नेताओं को बड़ी संख्या में अपनी पार्टी में शामिल कराने यानी ‘ज्वाइनिंग फेयर’ पर जोर दिया था। लेकिन इस बार पार्टी ने उस रणनीति को पूरी तरह छोड़ दिया है। इस बार परिवर्तन यात्रा को नेतृत्व की ताकत के एक बड़े प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी ने युवाओं और शहरी पेशेवरों तक पहुंचने के लिए ‘युवा अड्डा’ और ‘प्रोफेशनल मीट’ जैसे लक्षित कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। ‘नमो युवा वॉरियर्स’ के नाम से एक युवा केंद्रित अभियान नवंबर 2025 में शुरू किया गया था जो भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मुद्दों पर युवा मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
TMC की काट में BJP का नया घोषणापत्र
परिवर्तन यात्रा के साथ-साथ BJP बंगाल के लिए एक अलग चुनावी घोषणापत्र भी तैयार कर रही है। इसके लिए ‘संकल्प पत्र परामर्श यात्रा’ के तहत राज्यभर में ड्रॉप बॉक्स रखकर जनता की राय एकत्र की जा रही है। पार्टी उत्तर बंगाल के लिए एक अलग और क्षेत्र-विशिष्ट घोषणापत्र लाने की भी तैयारी में है क्योंकि 2021 के चुनाव में BJP ने उत्तर बंगाल की 54 में से 30 सीटें जीती थीं जबकि दक्षिण बंगाल में TMC का दबदबा रहा था।
TMC के वोट में सेंध लगाने का लक्ष्य
BJP का प्राथमिक लक्ष्य 2021 विधानसभा चुनाव में TMC को मिले 44 प्रतिशत वोट में से कम से कम 6 प्रतिशत वोट अपने पक्ष में करना है। पार्टी नेतृत्व की नजर TMC विरोधी लहर पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि कुछ ताकतें चुनावी लाभ के लिए सांप्रदायिक अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं। दूसरी ओर BJP राज्य प्रमुख समीक बट्टाचार्य ने कहा है कि परिवर्तन यात्रा TMC सरकार के बढ़ते भ्रष्टाचार और जन असंतोष के खिलाफ एक जरूरी राजनीतिक कदम है।
Bengal Election 2026: 30 बड़ी रैलियां और 600 छोटी सभाएं
परिवर्तन यात्रा के साथ BJP ने राज्यभर में लगभग 30 बड़ी रैलियों और करीब 600 छोटी जनसभाओं का भी कार्यक्रम बनाया है। इसके अलावा पार्टी ने बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने और अपनी कथा को नए सिरे से गढ़ने पर विशेष ध्यान दिया है। BJP की इस व्यापक और बहुस्तरीय चुनावी रणनीति को देखकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 का बंगाल चुनाव अब तक के सबसे कड़े मुकाबलों में से एक होगा।
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