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120 किमी रेंज वाले गाइडेड पिनाका रॉकेट्स से भारतीय सेना की मारक क्षमता में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली: भारतीय सेना ही अपनी मारक ताकत बढ़ाने जा रही है. सेना ने 120 किलोमीटर दूर तक मार करने वाली गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम खरीदने का प्रस्ताव दिया है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 2,500 करोड़ रुपये है. सूत्रों के मुताबिक, प्रोजेक्ट के लिए सेना के अप्रूवल के प्रपोजल को बहुत जल्द डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) द्वारा क्लियरेंस के लिए ले जाया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक इन नए रॉकेट्स को वही लॉन्चर चला पाएंगे, जिनसे अभी 40 और 75 किलोमीटर रेंज वाले पिनाका रॉकेट दागे जाते हैं. नए रॉकेट की टेस्टिंग अगले साल शुरू होने की उम्मीद है. पिनाका सिस्टम DRDO द्वारा बनाया गया एक पूरी तरह स्वदेशी रॉकेट सिस्टम है. 1990 के दशक से इसने कई ऑपरेशनों में अपनी ताकत दिखाई है, हाल में हुआ ऑपरेशन सिंदूर भी शामिल है. भारत इसे आर्मेनिया जैसे देशों को निर्यात भी करता है. हाल ही में सरकार ने पिनाका से जुड़े गोला-बारूद खरीदने के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किए हैं.

भारतीय सेना की तोपखाना क्षमता

120 किलोमीटर रेंज वाले नए पिनाका के आने से भारतीय सेना की तोपखाना क्षमता 90 किलोमीटर रेंज वाले रूसी स्मर्च सिस्टम से भी आगे निकल जाएगी. यह कदम आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी रक्षा सिस्टम को बढ़ावा देता है. फ्रांस समेत कई देश पिनाका की उन्नत क्षमताओं को देख रहे हैं और भविष्य में इस पर सहयोग की संभावना भी बन सकती है. वहीं इंडियन आर्मी मौजूदा पिनाका रेजिमेंट को भी मजबूत करने पर विचार कर रही है और हाल ही में इन रॉकेट रेजिमेंट के लिए एरिया डिनायल एम्युनिशन खरीदने के ऑर्डर दिए हैं.

स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर डेवलप करने पर जोर

राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाला रक्षा मंत्रालय स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर डेवलप करने के मामले पर जोर दे रहा है, जिन्हें हाल ही में मित्र देशों को एक्सपोर्ट भी किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के नए 120 km स्ट्राइक रेंज वाले रॉकेट उसी लॉन्चर से लॉन्च किए जा सकेंगे, जो अभी 40 km और 75 km से ज्यादा दूर तक टारगेट पर निशाना लगा सकता है. सूत्रों ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए सेना के अप्रूवल के प्रपोजल को बहुत जल्द डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) द्वारा क्लियरेंस के लिए ले जाया जाएगा.

निष्कर्ष:

120 किलोमीटर रेंज वाले गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम की खरीद से भारतीय सेना की तोपखाना और स्ट्राइक क्षमता में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। यह स्वदेशी प्रणाली न केवल रूसी स्मर्च जैसे विदेशी सिस्टम से आगे निकलेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी। मौजूदा लॉन्चरों से ही नए रॉकेट दागे जा सकेंगे, जिससे लागत और समय दोनों की बचत होगी। साथ ही, पिनाका का बढ़ता निर्यात भारत को रक्षा क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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