Bihar News: पटना जिले में छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। जिले के सरकारी स्कूलों में बंद पड़े आधार सेवा केंद्र अब दोबारा शुरू किए जाएंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। प्रत्येक प्रखंड में दो-दो आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे, जिससे स्कूली बच्चों का आधार कार्ड बनाना आसान हो जाएगा।
हर प्रखंड में दो स्कूलों का चयन
जिला शिक्षा कार्यालय स्तर पर सभी प्रखंडों में आधार केंद्र खोलने के लिए सरकारी स्कूलों को चिह्नित करने का काम चल रहा है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उन स्कूलों के नाम भेजें जहां आधार सेवा केंद्र खोले जा सकें। इन केंद्रों को सिर्फ सरकारी स्कूलों में ही स्थापित किया जाएगा ताकि अभिभावक आसानी से अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवा सकें।
विभाग का उद्देश्य है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ये सभी केंद्र चालू हो जाएं। इससे सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को फायदा मिलेगा।
स्कूलों में आधार केंद्र खोलने की प्रक्रिया
जिला शिक्षा विभाग ने आधार केंद्र शुरू करने के लिए एक विस्तृत प्लान तैयार किया है। सबसे पहले उन स्कूलों का चयन किया जा रहा है जहां बिजली, कमरे और अन्य जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केंद्र संचालन के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा होना आवश्यक है।
आधार केंद्र संचालन के लिए एक माह के अंदर एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। एजेंसी चयन होने के बाद 60 दिनों के भीतर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इसके बाद ही केंद्र पूरी तरह से चालू हो सकेंगे।
केवल स्कूली बच्चों का बनेगा आधार कार्ड
इन आधार सेवा केंद्रों पर केवल सरकारी और निजी स्कूलों में नामांकित बच्चों का ही आधार कार्ड बनाया जाएगा। यह व्यवस्था स्कूली छात्रों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों के अभिभावकों को दूर जाने की जरूरत नहीं होगी और वे स्कूल में ही अपने बच्चों का आधार कार्ड बनवा सकेंगे।
आधार कार्ड होने से बच्चों के बैंक खाते भी आसानी से खुल सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंच सकेगा।
2024 में क्यों बंद हुए थे आधार केंद्र
पटना जिले के स्कूलों में 2024 में भी आधार केंद्र खोले गए थे। प्रत्येक प्रखंड में दो-दो केंद्र शुरू किए गए थे, लेकिन कुछ समस्याओं के कारण इन्हें बंद करना पड़ा। मुख्य समस्या यह थी कि संचालन एजेंसी को समय पर पैसों का भुगतान नहीं हो पा रहा था।
इसके अलावा शिक्षा विभाग को शिकायतें भी मिली थीं कि केंद्रों पर काम करने वाले ऑपरेटर बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए अभिभावकों से पैसे वसूल रहे थे। यह सेवा मुफ्त होनी चाहिए थी, लेकिन अनियमितताओं के चलते विभाग ने केंद्रों को बंद करने का फैसला किया था।
अब विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि नए केंद्रों में ऐसी कोई समस्या नहीं होगी। एजेंसी को समय पर भुगतान किया जाएगा और किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होगी।
आधार केंद्र खुलने से क्या होंगे फायदे
स्कूलों में आधार सेवा केंद्र खुलने से कई तरह के लाभ होंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्कूली बच्चों का आधार कार्ड आसानी से और जल्दी बन जाएगा। अभिभावकों को अब दूर के केंद्रों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आधार कार्ड से बैंक खाता जुड़ने पर सरकारी योजनाओं की राशि सीधे बच्चों के खाते में आएगी। इससे छात्रवृत्ति और अन्य लाभ मिलने में आसानी होगी। शिक्षा विभाग को भी किसी छात्र का आधार विवरण जांचने में मदद मिलेगी।
विभाग के पोर्टल पर स्कूलों में नामांकित बच्चों का नाम और जानकारी दर्ज करना भी आसान हो जाएगा। आधार नंबर से छात्रों की पहचान सटीक तरीके से हो सकेगी, जिससे डुप्लिकेट एंट्री की समस्या खत्म होगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने क्या कहा
जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि आधार केंद्र शुरू करने की तैयारी पूरी तेजी से चल रही है। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे उपयुक्त स्कूलों के नाम जल्द से जल्द भेजें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार पूरी व्यवस्था पारदर्शी और नियमित होगी। एजेंसी का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा और उन्हें समय पर भुगतान किया जाएगा। किसी भी तरह की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले शैक्षणिक सत्र से पहले सभी केंद्र पूरी तरह चालू हो जाएं, ताकि नए सत्र में दाखिला लेने वाले बच्चों का आधार कार्ड तुरंत बन सके।
बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत
पटना जिले में रहने वाले अभिभावकों के लिए यह खबर बड़ी राहत भरी है। अब तक आधार कार्ड बनवाने के लिए उन्हें दूर के केंद्रों में जाना पड़ता था और लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार तो कई-कई चक्कर लगाने पड़ते थे।
स्कूलों में केंद्र खुलने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने या लेने के समय ही आधार कार्ड बनवा सकेंगे। इससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह योजना बहुत फायदेमंद साबित होगी। उन्हें अब दूर जाने के लिए यात्रा खर्च नहीं करना होगा।
आधार कार्ड की जरूरत क्यों है?
आज के दौर में आधार कार्ड हर नागरिक के लिए जरूरी दस्तावेज बन गया है। बच्चों के लिए भी यह कई कामों में उपयोगी है। स्कूल में दाखिले के समय, छात्रवृत्ति पाने के लिए, बैंक खाता खोलने के लिए और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
कई परीक्षाओं और प्रतियोगिताओं में भी आधार नंबर की जरूरत पड़ती है। इसलिए बच्चों का आधार कार्ड जल्दी से जल्दी बनवा लेना जरूरी है। स्कूलों में केंद्र खुलने से यह काम बहुत आसान हो जाएगा।
Bihar News: अगले कदम क्या होंगे
अब जिला शिक्षा विभाग जल्द ही स्कूलों की अंतिम सूची तैयार करेगा। इसके बाद एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। एजेंसी चुनते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके पास आवश्यक अनुभव और संसाधन हों।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र चालू हो जाएंगे। विभाग की योजना है कि फरवरी या मार्च 2026 तक सभी केंद्र काम करना शुरू कर दें, ताकि नए सत्र की शुरुआत तक सभी जरूरतमंद बच्चों का आधार कार्ड बन जाए।
शिक्षा विभाग समय-समय पर इन केंद्रों की निगरानी भी करेगा ताकि कोई अनियमितता न हो। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि अगर उन्हें कोई समस्या आए तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें।
पटना जिले में आधार सेवा केंद्र खुलने से लाखों स्कूली बच्चों को फायदा होगा और उनकी पहचान प्रक्रिया सरल हो जाएगी।



