Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की ‘डबल इंजन’ सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह जल्द ही सबूतों के साथ राज्य के भ्रष्ट मंत्रियों और अधिकारियों की एक सूची सार्वजनिक करेंगे। तेजस्वी ने दावा किया कि उनके पास काफी तथ्य और ब्यौरा इकट्ठा हो चुका है और महागठबंधन की सरकार बनने पर ऐसे किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस घोषणा ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है।
Bihar Politics: ‘सबूतों के साथ करूंगा खुलासा’
पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है और कोई भी विभाग इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई भ्रष्ट अधिकारियों से है। मंत्री और अधिकारी अपने बेटे-बेटी और रिश्तेदारों के नाम पर देश-विदेश में निवेश कर रहे हैं। मेरे पास सबकी सूची है, जिसका मैं आने वाले दिनों में खुलासा करूंगा।” उन्होंने हाल ही में कुछ इंजीनियरों के यहां हुई छापेमारी का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों की संपत्ति मिलने के बावजूद सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
‘CBI-ED सिर्फ हमारे लिए क्यों?’
तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया कि जिन भ्रष्ट इंजीनियरों और अधिकारियों के यहां करोड़ों रुपये मिले हैं, उनके खिलाफ सीबीआई जांच की अनुशंसा क्यों नहीं की जा रही है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सीबीआई-ईडी को तो सिर्फ आरजेडी नेताओं के पीछे लगाया जाएगा, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।”
Bihar Politics: विकास के दावों और घोषणाओं पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने एनडीए सरकार द्वारा की जा रही लगातार घोषणाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की घोषणाएं कर दी हैं, लेकिन इन वादों को पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा, इसका कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भवनों की साफ-सफाई के नाम पर 700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण है। तेजस्वी के इस आक्रामक रुख से यह साफ है कि आने वाले चुनाव में भ्रष्टाचार एक बड़ा और प्रमुख मुद्दा बनने जा रहा है।



