PM Rahat Scheme: झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना अब झारखंड में भी पूरी तरह लागू की जाएगी। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को हादसे के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने पर डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य के लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
क्या है पीएम राहत योजना?

पीएम राहत योजना का पूरा नाम प्राइम मिनिस्टर रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट है। इस योजना का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और बिना किसी वित्तीय बाधा के तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और इनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान इसलिए चली जाती है क्योंकि समय पर इलाज नहीं मिल पाता या इलाज का खर्च उठाने में असमर्थता होती है। पीएम राहत योजना इसी समस्या का समाधान करने के लिए बनाई गई है।
इस योजना को 4 मई 2025 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया था और 13 फरवरी 2026 को इसका औपचारिक लॉन्च किया गया। यह योजना आयुष्मान भारत के पोर्टल टीएमएस 2.0 प्लेटफॉर्म पर संचालित की जा रही है, जिससे इसकी पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है।
गोल्डेन आवर में इलाज का महत्व
चिकित्सा विज्ञान में गोल्डेन आवर की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी गंभीर चोट या दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे को गोल्डेन आवर कहा जाता है। इस दौरान यदि घायल व्यक्ति को उचित चिकित्सा सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है और स्थायी विकलांगता का खतरा भी कम हो जाता है। लेकिन भारत में अधिकांश सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस गोल्डेन आवर में इलाज नहीं मिल पाता, जिसकी मुख्य वजह पैसों की कमी और इलाज के लिए अस्पतालों का मना करना होता है।
पीएम राहत योजना इसी खाई को पाटने का काम करती है। योजना के तहत दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने वाले घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक का पूरी तरह निःशुल्क इलाज प्रदान किया जाएगा।
योजना का क्रियान्वयन कैसे होगा
इस योजना को पात्र मामलों में सभी अन्य स्वास्थ्य योजनाओं पर प्राथमिकता दी गई है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी दुर्घटना पीड़ित के पास आयुष्मान भारत कार्ड या कोई अन्य स्वास्थ्य बीमा है, तो भी पीएम राहत योजना को पहले लागू किया जाएगा। दुर्घटना से संबंधित थाने द्वारा मामले का सत्यापन होने के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योजना केवल दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होने वाले पीड़ितों पर ही लागू होगी। यदि दुर्घटना के 24 घंटे बाद अस्पताल में भर्ती किया जाता है तो उपचार का खर्च इस योजना के अंतर्गत नहीं आएगा। इसलिए दुर्घटना की स्थिति में जल्द से जल्द पीड़ित को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना और पुलिस को सूचित करना जरूरी है।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल झारखंड के लाखों परिवारों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस महत्वपूर्ण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ दिल्ली में एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाए। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस सुझाव पर सहमति जताई और जल्द बैठक का आश्वासन दिया।
यह भी उल्लेखनीय है कि बैठक के दौरान रमजान माह के कारण डॉ. अंसारी ने शिष्टाचारपूर्वक पहले अपनी बात रखने का निवेदन किया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। बैठक में डॉ. अंसारी ने जामताड़ा जिले की एक लंबित सड़क परियोजना का मुद्दा भी उठाया जिस पर केंद्रीय मंत्री ने ध्यान देने का आश्वासन दिया।
झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति
झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां पहाड़ी और जंगली इलाकों से गुजरने वाले राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या रही हैं। राज्य में हर साल हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं और कई हजार गंभीर रूप से घायल होते हैं। इनमें से अधिकांश पीड़ित गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं जो अचानक पड़ने वाले भारी चिकित्सा खर्च को वहन करने में असमर्थ होते हैं। ऐसे में पीएम राहत योजना इन परिवारों के लिए एक जीवनरेखा साबित हो सकती है।
आयुष्मान भारत पोर्टल से जुड़ाव का फायदा
यह योजना आयुष्मान भारत के टीएमएस 2.0 प्लेटफॉर्म पर संचालित होने के कारण इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या लापरवाही को रोका जा सके। अस्पतालों को योजना के तहत इलाज के दावे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने होंगे और भुगतान भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
देश के लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
पीएम राहत योजना केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। यह पूरे देश में लागू की जा रही है और इसका सीधा फायदा सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लाखों लोगों को मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बैठक में सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ योजना की विस्तृत समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि हर राज्य में यह योजना प्रभावी रूप से लागू हो। इस पहल से भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
PM Rahat Scheme: आम नागरिकों के लिए जरूरी जानकारी
जो लोग सड़क पर किसी दुर्घटना के गवाह बनते हैं या खुद किसी हादसे का शिकार होते हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि पीएम राहत योजना का लाभ उठाने के लिए दुर्घटना के एक घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचना और संबंधित थाने को सूचित करना अनिवार्य है। थाने का सत्यापन मिलने के बाद अस्पताल तुरंत इलाज शुरू करेगा और पैसों की चिंता किए बिना डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार निःशुल्क किया जाएगा।
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