West Bengal: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच एक चौंकाने वाली घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मानब चंद्र के घर पर सोमवार रात को अज्ञात उपद्रवियों ने पत्थर फेंक दिए। हमले में घर का मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया और खिड़कियों के शीशे चटक गए। बीएलओ उस समय घर पर अकेले थे। मंगलवार को उन्होंने खड़दह पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है, लेकिन दो दिनों बाद भी किसी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोग जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं, वे इस घटना से चिंतित हैं। यह हमला मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान के बीच आया है, जो राज्य में तनाव को बढ़ा रहा है।
बीएलओ पर हमला
उत्तर 24 परगना के खड़दह इलाके में रहने वाले बीएलओ मानब चंद्र बूथ नंबर 43 के जिम्मेदार हैं। वे घर-घर जाकर मतदाता सूची के लिए एनुमरेशन फॉर्म भरवा रहे हैं। सोमवार रात करीब 10 बजे जब वे घर पर आराम कर रहे थे, तभी बाहर से पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। हमलावरों ने दरवाजा और खिड़कियां निशाना बनाया, जिससे संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा। मानब चंद्र ने बताया, “मैं पूरी ईमानदारी से सरकारी नियमों का पालन कर रहा हूं। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम कर रहा हूं, लेकिन कुछ लोग इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।” घटना के बाद वे डर के मारे रात भर जागते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पत्थरों के नमूने उठाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। खड़दह थाने के एसआई ने कहा कि जांच तेज है और जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान
यह हमला विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच हुआ है, जो 4 नवंबर 2025 से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची अपडेट कर रहे हैं। उत्तर 24 परगना जैसे संवेदनशील जिलों में यह काम राजनीतिक दबाव का शिकार हो रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कुछ पार्टियां बीएलओ को नाम कटवाने या जोड़ने के लिए दबाव डाल रही हैं। मानब चंद्र ने कहा कि वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे। निर्वाचन आयोग ने बीएलओ को सुरक्षा के निर्देश दिए हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में खतरा बना हुआ है।
राज्य में मतदाता सूची पर बहस तेज
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची शुद्धिकरण पर सियासत गर्म है। विपक्षी दल भाजपा ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया है कि बीएलओ पर हमले राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। टीएमसी ने इसे स्थानीय गुंडागर्दी बताया और पुलिस को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। स्थानीय विधायक ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के लिए खतरा है। ग्रामीण इलाकों में बीएलओ की सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठ रही है। निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को अलर्ट किया है। यह हमला चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना रहा है।



