Breaking News -Migration of unemployed youth from Saranda: खनिज और वन संपदा के बीच पसरी बेरोजगारी की त्रासदी
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समाजसेवी आलोक दता ने कहा है कि एक आम धारणा यह है कि जिस ज़मीन के गर्भ में अपार खनिज हो और जिसकी सतह पर घना जंगल फैला हो, वह इलाका आर्थिक रूप से सशक्त होना चाहिए। लेकिन सारंडा वन क्षेत्र इसका उलटा उदाहरण बन चुका है। वर्तमान समय में सारंडा में केवल कुछ ही खदानें जैसे किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया (सेल द्वारा संचालित) तथा विजय-2 (टाटा स्टील) ही सक्रिय हैं।© tagDiv. All Rights Reserved. Made with Newspaper Theme.
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