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CG News: छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स की रूपरेखा आज तय होगी

CG News: छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों के कौशल विकास के लिए ब्रिज कोर्स की रूपरेखा तय करने को लेकर आज बुधवार को रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक हो रही है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी में दोपहर 12 बजे यह बैठक बुलाई गई है।

बैठक में कोर्स के नियम और संचालन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक संवर्ग के हजारों शिक्षकों के लिए यह कोर्स फायदेमंद साबित हो सकता है।

CG News: आज एससीईआरटी में क्यों हो रही है बैठक?

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर में आज दोपहर 12 बजे उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई है। बैठक का मुख्य उद्देश्य सेवारत शिक्षकों के लिए आवश्यक ब्रिज कोर्स की रूपरेखा तैयार करना और उसके नियमों को अंतिम रूप देना है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों की योग्यता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कोर्स को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि शिक्षकों की नियमित कार्यप्रणाली पर कोई असर न पड़े। शिक्षा विभाग इस पहल को गंभीरता से ले रहा है।

शिक्षकों की पुरानी मांग क्या थी?

छत्तीसगढ़ विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने पहले ही इस मांग को उठाया था। उन्होंने डीएड और समकक्ष योग्यता रखने वाले प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए बीएड ब्रिज कोर्स शुरू करने की बात कही थी। संघ ने शासन को पत्र लिखकर उचित नियम बनाने का आग्रह भी किया था। लंबे समय से शिक्षक संगठन इस मांग को लेकर सक्रिय थे। आज की बैठक इसी मांग के आलोक में हो रही है। हजारों प्रशिक्षित शिक्षक इस कोर्स का इंतजार कर रहे हैं।

ब्रिज कोर्स से किसे मिलेगा फायदा?

प्रदेश के विभिन्न शासकीय स्कूलों में हजारों प्रशिक्षित शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई के पास डीएड या समकक्ष योग्यता है। ब्रिज कोर्स के जरिए वे बीएड स्तर की योग्यता हासिल कर सकेंगे। यह कोर्स उनकी शैक्षणिक क्षमता को और निखारने में मदद करेगा। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्तर पर काम करने वाले शिक्षक इससे सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। कोर्स पूरा करने के बाद उनकी प्रोफेशनल ग्रोथ के नए रास्ते खुल सकते हैं। राज्य सरकार इस दिशा में सकारात्मक रुख अपना रही है।

बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

आज की बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कोर्स की अवधि, पाठ्यक्रम, परीक्षा पद्धति और संचालन के तरीके पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह भी तय किया जाएगा कि कोर्स को शिक्षकों की ड्यूटी के साथ कैसे समायोजित किया जाए। बिना काम प्रभावित किए प्रशिक्षण देने का मॉडल तैयार किया जा सकता है। नियमों को स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने पर जोर रहेगा। शिक्षाविदों की राय भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक के नतीजे भविष्य की दिशा तय करेंगे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में कदम

शिक्षाविदों का मानना है कि ब्रिज कोर्स की यह पहल शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता को मजबूत करेगी। इससे शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को पूरा करने में भी यह कदम सहायक होगा। शिक्षकों का कौशल विकास सीधे कक्षाओं की पढ़ाई पर सकारात्मक असर डालेगा। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह बैठक उसी कड़ी का हिस्सा है।

CG News: आगे की प्रक्रिया क्या हो सकती है?

बैठक में रूपरेखा और नियम अंतिम रूप लेने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। कोर्स शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी की जा सकती है। शिक्षकों को आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी। समयबद्ध तरीके से कोर्स संचालित करने पर जोर रहेगा। शिक्षक संगठनों की मांग को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जा रहा है। पूरे प्रदेश के शिक्षक इस बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन पर सबकी नजर है।

छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स की रूपरेखा आज एससीईआरटी रायपुर में तय की जाएगी। दोपहर 12 बजे उच्चस्तरीय बैठक में नियम और संचालन का मॉडल अंतिम रूप लेगा। डीएड योग्यता वाले प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शिक्षकों के लिए बीएड ब्रिज कोर्स की लंबे समय से मांग चल रही थी। हजारों शिक्षक इससे लाभान्वित हो सकते हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यह पहल शिक्षकों की योग्यता और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाएगी। बैठक के नतीजों के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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