Aaj Ka Mausam: उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर अपना रंग बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 20 जनवरी तक अधिकांश क्षेत्रों में शीत और कोहरे का प्रभाव बना रहेगा, परंतु इसके पश्चात पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वर्षा और हिमपात का दौर प्रारंभ होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान विभाग ने सूचित किया है कि 20-21 जनवरी के मध्य जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में स्थान-स्थान पर हल्की से मध्यम वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में भी 20 जनवरी को हल्की वर्षा या हिमपात के आसार हैं। इसके उपरांत 22 से 24 जनवरी के मध्य पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में वर्षा और हिमपात का विस्तार तथा तीव्रता बढ़ने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
कश्मीर घाटी में 22 और 23 जनवरी को कुछ क्षेत्रों में भारी हिमपात या वर्षा हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के उच्च क्षेत्रों में 23 जनवरी को भारी बर्फ गिरने के संकेत मिल रहे हैं। 25 जनवरी को मौसम की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है। यह हिमपात पर्यटन के लिए तो अनुकूल होगा, परंतु यात्रियों को सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
पंजाब और राजस्थान में वर्षा के संकेत

मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो 22 से 25 जनवरी के मध्य पंजाब में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 22 से 25 जनवरी के दौरान स्थान-स्थान पर वर्षा हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 और 24 जनवरी को वर्षा के आसार हैं। राजस्थान में 22 और 23 जनवरी को हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।
यह वर्षा किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है क्योंकि रबी की फसलों को इससे पोषण मिलेगा। हालांकि अत्यधिक वर्षा से कुछ फसलों को नुकसान की भी आशंका है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान आंधी-तूफान और विद्युत गिरने की चेतावनी भी जारी की है। 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और समीपवर्ती क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तीव्र पवनों के साथ गर्जन-तर्जन हो सकता है। 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तीव्र हवाएं चलने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में 22 और 23 जनवरी तथा उत्तराखंड में 23 जनवरी को विद्युत गिरने की आशंका जताई गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे खुले स्थानों पर न रहें और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें।
तापमान में स्थिरता, कोहरे का प्रभाव जारी
तापमान के संदर्भ में मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिवसों तक न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा। इसके उपरांत तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इसके अगले कुछ दिनों में पुनः 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है। महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। देश के अन्य भागों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।
कोहरे और शीत को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। पंजाब में 20 जनवरी तक और 21 जनवरी को भी कुछ क्षेत्रों में घना से अत्यधिक घना कोहरा छा सकता है। हरियाणा और चंडीगढ़ में 21 जनवरी तक, उत्तर प्रदेश में 20 जनवरी तक और बिहार में 21 जनवरी तक प्रातःकाल और रात्रि के समय घने कोहरे की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 20 और 21 जनवरी को शीतलहर चल सकती है।
राजधानी दिल्ली में मौसम का हाल
दिल्ली के मौसम पर दृष्टि डालें तो मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिवसों तक राजधानी में न्यूनतम तापमान सामान्य के समीप बना रहेगा। 23 जनवरी को तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है। अधिकतम तापमान अगले चार दिनों तक सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। 23 जनवरी को अत्यधिक हल्की वर्षा या बूंदाबांदी के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तीव्र पवनें चल सकती हैं।
राजधानी में प्रातःकाल के समय अगले छह दिवसों तक हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। यह कोहरा यातायात और दृश्यता को प्रभावित कर सकता है।
उत्तराखंड में मौसम का पूर्वानुमान
उत्तराखंड में 20 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, परंतु इसके पश्चात 21 से 24 जनवरी के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 21 जनवरी से मौसम बिगड़ सकता है, जिससे शीत में इजाफा होगा और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का प्रभाव बढ़ सकता है।
Aaj Ka Mausam: सावधानियां और सुझाव
मौसम विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले व्यक्ति मौसम की नवीनतम जानकारी पर निगरानी रखें और खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतें। निरंतर सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए मौसम के संदर्भ में महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।



