जमशेदपुर। गोविंदपुर में 29 मार्च की रात उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर अनुज कनौजिया के एनकाउंटर के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी थी। इस मामले में अमलताश सिटी के मालिक शशि शेखर उर्फ चिंटू की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी। कई दिनों से फरार चल रहे चिंटू को पुलिस ने कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश के दौरान दबोच लिया।
चिंटू की गिरफ्तारी से खुल रहे हैं कई राज
पुलिस को पहले से ही इस बात का शक था कि चिंटू, अनुज कनौजिया को जानता था और उसे पनाह दी थी। हालांकि, चिंटू के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, लेकिन पुलिस ने अज्ञात चार-पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब उसके पकड़े जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वह अनुज से अच्छी तरह परिचित था और संभवतः किसी दबाव में उसे अमलताश सिटी में शरण दी थी।
गिरफ्तारी के बाद चिंटू ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिसमें कुछ सफेदपोशों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। पुलिस ने उसकी जानकारी के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम इस मामले में सामने आ सकते हैं।
कैसे हुआ अनुज कनौजिया का एनकाउंटर?
29 मार्च की रात, पुलिस ने गोविंदपुर के भूमिहार मेंशन में गैंगस्टर अनुज कनौजिया को घेर लिया था। यूपी पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली थी और उसे आत्मसमर्पण करने का मौका दिया था। लेकिन अनुज ने इसके बजाय पुलिस पर गोलीबारी कर दी और एक बम भी फेंका, जो सौभाग्य से नहीं फटा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।
इस एनकाउंटर के बाद से ही पुलिस जांच में जुटी थी कि अनुज कनौजिया को जमशेदपुर में किसने पनाह दी थी। अब चिंटू की गिरफ्तारी के बाद यह गुत्थी काफी हद तक सुलझती नजर आ रही है।
क्या आगे होगा?
पुलिस अब चिंटू के बयान और जांच के आधार पर अनुज कनौजिया से जुड़े सफेदपोशों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। पुलिस इस केस में कई और गिरफ्तारियां कर सकती है।

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