Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक तरफ शनिवार से गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है तो दूसरी तरफ पर्याप्त मात्रा में गैस मिल नहीं रही। इस दोहरी मार से शहरवासी बेहाल हैं। रविवार को शहर के कई इलाकों में गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग सुबह से ही खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों और गोदामों के बाहर घंटों खड़े रहे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि दो घंटे से अधिक समय इंतजार करने के बाद भी कुछ लोगों को गैस नहीं मिल सकी और वे खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हुए।
अमरावती कालोनी में सबसे लंबी कतार
सबसे अधिक भीड़ और लंबी कतार कृष्णापुरी के अमरावती कालोनी में देखने को मिली। यहां बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही खाली सिलेंडर लेकर लाइन में लग गए। स्थानीय निवासी ललन सिंह ने बताया कि गैस खत्म होने के कारण कई लोग वापस भी लौट गए और अब उन्हें ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की नौबत आ सकती है। कई लोग मोटरसाइकिल पर सिलेंडर लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में गैस की तलाश करते भी नजर आए। लोग बढ़ी हुई कीमत और सिलेंडर की कमी को लेकर आपस में नाराजगी जाहिर करते रहे।
होम डिलीवरी बंद, खुद जाने पर भी डिलीवरी चार्ज

गैस की किल्लत का एक और परेशान करने वाला पहलू यह है कि कई इलाकों में एजेंसियों ने होम डिलीवरी बंद कर दी है। जब उपभोक्ता एजेंसी के नंबर पर फोन कर जानकारी लेते हैं तो उन्हें चिन्हित स्थानों से खुद आकर सिलेंडर ले जाने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद एजेंसियां उपभोक्ताओं से डिलीवरी चार्ज वसूल कर रही हैं जो उपभोक्ताओं को नागवार गुजर रहा है।
कृष्णापुरी निवासी गुलसन कुमार ने कहा कि एजेंसी वाले घर तक गैस नहीं पहुंचा रहे हैं, खुद गोदाम जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है और इसके बावजूद डिलीवरी चार्ज भी लिया जा रहा है। यह उपभोक्ताओं के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
द्वारिकापुरी निवासी परमेश्वर बड़ाईक ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद दो घंटे में सिलेंडर मिला। पहले घर तक गैस पहुंच जाती थी लेकिन अब खुद जाकर लेना पड़ रहा है।
25 दिन बाद मिलता है दूसरा सिलेंडर
उपभोक्ताओं की एक और बड़ी शिकायत यह है कि नया नियम लागू होने के बाद एक सिलेंडर लेने के करीब 25 दिनों बाद ही दूसरा सिलेंडर मिल पा रहा है। इतने लंबे अंतराल से विशेषकर संयुक्त परिवारों को भारी परेशानी हो रही है जहां गैस जल्दी खत्म हो जाती है। ऐसे परिवारों को मजबूरन ब्लैक मार्केट से महंगा सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। कुछ उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि होम डिलीवरी के मामले में कई बार लंबा समय बीत जाने के बाद भी सिलेंडर घर तक नहीं पहुंचता।
Ranchi News: होटल-ढाबों पर भी पड़ रहा है असर
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कमी का असर होटल, ढाबा, मॉल और कैंटीन संचालकों पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। कई व्यवसायियों का कहना है कि उन्हें समय पर व्यावसायिक गैस नहीं मिल पा रही जिससे उनका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अगर यही हालत बनी रही तो आने वाले दिनों में छोटे होटल और खाने-पीने के कारोबार पर इसका और भी बड़ा असर पड़ सकता है।
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