Effects of High Sodium on Kidneys: आपकी रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला सफेद नमक आपके खाने का स्वाद तो बढ़ाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही नमक आपकी किडनी के लिए एक साइलेंट किलर भी बन सकता है? मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के डायरेक्टर नेफ्रोलॉजी डॉ. वरुण वर्मा ने नमक और किडनी के बीच के खतरनाक संबंध के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
Effects of High Sodium on Kidneys: नमक है जरूरी लेकिन सही मात्रा में
नमक, जिसे सोडियम क्लोराइड भी कहते हैं, हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है। यह हमारे शरीर में ‘कैशन’ के रूप में मौजूद होता है और शरीर के तरल पदार्थों को संतुलित रखता है। डॉ. वर्मा के अनुसार, हमारे शरीर में सोडियम का स्तर 135-145 mEq/L होना जरूरी है।
अगर शरीर में नमक की कमी हो जाए तो यह भी खतरनाक है। इससे दौरे पड़ सकते हैं, दिमाग को नुकसान हो सकता है और कार्डियक अरेस्ट यानी दिल की धड़कन रुकने जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
भारतीय खा रहे हैं दोगुना नमक
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में केवल 5 ग्राम यानी करीब एक छोटा चम्मच नमक लेना चाहिए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि एक औसत भारतीय दिन भर में 10 से 12 ग्राम नमक का सेवन करता है, जो जरूरत से दोगुना है।
भारतीय खान-पान में नमक की मात्रा पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत ज्यादा होती है। हमारे पारंपरिक व्यंजन, अचार, पापड़, नमकीन और फास्ट फूड में नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है।
किडनी पर क्या पड़ता है असर?

डॉ. वरुण वर्मा बताते हैं कि किडनी हमारे शरीर में नमक और पानी का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। जब हम जरूरत से ज्यादा नमक खाते हैं तो किडनी पर बोझ बढ़ जाता है और कई तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे खून का दबाव बढ़ता है। यह किडनी की ब्लड वेसल्स को कड़ा और संकरा कर देता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
Effects of High Sodium on Kidneys: किडनी में पथरी का खतरा
जब पेशाब में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है तो कैल्शियम की मात्रा भी बढ़ जाती है। इससे किडनी में दर्दनाक पथरी बनने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। किडनी स्टोन एक बेहद दर्दनाक स्थिति होती है।
प्रोटीन्यूरिया की दिक्कत
ज्यादा नमक की वजह से पेशाब के जरिए प्रोटीन बाहर निकलने लगता है। यह किडनी खराब होने का एक बड़ा और गंभीर संकेत है। प्रोटीन्यूरिया को नजरअंदाज करने पर किडनी फेलियर तक हो सकता है।
दिल की बीमारियों का खतरा
नमक की अधिकता से कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ता है। यह सीधे तौर पर किडनी फेलियर से जुड़ा हुआ है। दिल और किडनी दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए अंग हैं और एक को नुकसान होने पर दूसरे पर भी असर पड़ता है।
Effects of High Sodium on Kidneys: किडनी के मरीजों के लिए खास सलाह
डॉ. वर्मा बताते हैं कि जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, उनके लिए नमक कम करना एक दवा की तरह काम करता है। कम नमक वाली डाइट से किडनी के मरीजों को कई फायदे मिलते हैं।
लो साल्ट डाइट के फायदे
ब्लड प्रेशर बेहतर तरीके से कंट्रोल होता है और दवाइयों की जरूरत कम हो जाती है। शरीर की सूजन कम होती है, खासकर चेहरे, हाथ और पैरों की। सांस लेने में होने वाली तकलीफ में काफी सुधार आता है। किडनी पर बोझ कम होने से उसकी कार्यक्षमता बेहतर रहती है।
साल्ट सब्स्टीट्यूट से रहें सावधान
डॉ. वर्मा चेतावनी देते हैं कि किडनी के मरीजों को पोटैशियम वाले साल्ट सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पोटैशियम भी हानिकारक हो सकता है और दिल की धड़कन पर असर डाल सकता है।
नमक कम करने के आसान तरीके
- पैकेट का लेबल जरूर पढ़ें: पैकेट बंद खाना खरीदते समय हमेशा लेबल पढ़ें। देखें कि सोडियम की मात्रा 140mg से कम हो। ज्यादा सोडियम वाले प्रोडक्ट से बचें।
- इन चीजों से रहें दूर: प्रोसेस्ड मीट, फास्ट फूड, डिब्बाबंद खाना, फ्रोजन डिनर और प्रोसेस्ड चीज में नमक की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इनसे जितना हो सके दूर रहें। पापड़, अचार, नमकीन, चिप्स और पैकेट वाले स्नैक्स में भी नमक बहुत ज्यादा होता है। इनका सेवन सीमित करें।
- ताजा खाना ही खाएं: ताजे फल, सब्जियां और घर का बना खाना ही खाएं। इनमें नमक की मात्रा कम होती है और पोषण ज्यादा मिलता है। खाना बनाते समय कम नमक डालें और ऊपर से नमक बिल्कुल न छिड़कें।
- मात्रा का रखें ध्यान: किडनी के मरीजों को दिन भर में 2,300 mg यानी आधा चम्मच से कम नमक का लक्ष्य रखना चाहिए। गंभीर किडनी रोगियों को इससे भी कम नमक खाना चाहिए।
स्वाद बढ़ाने के अन्य तरीके
नमक की जगह खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए आप नींबू, सिरका, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, धनिया, पुदीना और अन्य मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी बिना नमक के भी खाने को स्वादिष्ट बना देते हैं।
काली मिर्च, जीरा, धनिया पाउडर, हल्दी, दालचीनी जैसे मसाले भी खाने का जायका बढ़ाते हैं और सेहत के लिए फायदेमंद हैं।
सही आदतें बनाना जरूरी
डॉ. वर्मा कहते हैं कि नमक कम खाने की आदत एक दिन में नहीं बनती। शुरुआत में खाना फीका लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे जीभ कम नमक की आदी हो जाती है। दो से तीन हफ्ते में आपको कम नमक वाला खाना भी अच्छा लगने लगेगा।
हमें आज से ही अपनी और अपनी आने वाली पीढ़ी की आदतों को सुधारना होगा ताकि हमारी किडनी सुरक्षित रहे। बच्चों को भी शुरू से कम नमक खाने की आदत डालनी चाहिए।
किडनी की जांच नियमित कराएं
अगर आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या किडनी की बीमारी का पारिवारिक इतिहास है तो नियमित रूप से किडनी की जांच जरूर कराएं। खून और पेशाब की जांच से किडनी की समस्या का शुरुआत में ही पता चल जाता है।
समय पर पता चलने से इलाज आसान हो जाता है और किडनी को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सकता है। किडनी फेलियर एक गंभीर स्थिति है जिसमें डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है।
Effects of High Sodium on Kidneys: स्वस्थ किडनी के लिए अन्य उपाय
नमक कम करने के साथ-साथ भरपूर पानी पिएं। दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। नियमित व्यायाम करें और वजन को नियंत्रित रखें। धूम्रपान और शराब से दूर रहें। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाइयां न लें क्योंकि ये किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श करें। याद रखें, किडनी एक बार खराब हो जाए तो वापस ठीक नहीं हो सकती। इसलिए सावधानी और बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है। आज से ही अपनी डाइट में नमक कम करें और अपनी किडनी को सुरक्षित रखें।



