Jharkhand News: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। देश के आध्यात्मिक स्वरूप के केंद्र बिंदु और प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की पुनर्स्थापना के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया गया। शनिवार को प्रदेश के भाजपा नेताओं ने सभी मंडल अध्यक्षों, प्रदेश कार्य समिति सदस्यों और कार्यकर्ताओं के साथ अपने नजदीक के शिवालयों में जाकर भगवान शिव की आरती की और जलाभिषेक किया। यह पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और स्वाभिमान का प्रतीक है। भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर देश की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बाबूलाल मरांडी का बयान

भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने न केवल भारत की धन संपदा को लूटा बल्कि देश के मान बिंदुओं पर भी प्रहार किया। आक्रांता मोहम्मद गजनी ने सोमनाथ मंदिर से हीरे, जवाहरात, सोना चांदी सब लूटे और अद्वितीय शिवलिंग सोमनाथ पर भी चोट किया था।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह हमला भारत की आत्मा पर था। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक है। जब गजनी ने इस मंदिर को तोड़ा तो उसने भारत की सांस्कृतिक चेतना को कुचलने का प्रयास किया। लेकिन भारत की सांस्कृतिक चेतना फिर से खड़ी हो गई।
मरांडी ने जोर देकर कहा कि चाहे कितनी भी बार आक्रमण हुए हों भारतीय संस्कृति कभी नहीं मरी। सोमनाथ मंदिर बार बार तोड़ा गया और बार बार इसे फिर से बनाया गया। यह भारतीय लोगों की अदम्य आस्था और जीवटता का प्रमाण है। आज सोमनाथ मंदिर अपनी पूर्ण भव्यता के साथ खड़ा है जो यह संदेश देता है कि भारतीय संस्कृति अजेय है।
आदित्य साहू का संदेश
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने अपने पैतृक गांव स्थित शिवालय में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है। देश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान मिल रहा है।
आदित्य साहू ने कहा कि दशकों तक भारत की सांस्कृतिक विरासत को उपेक्षित किया गया। मंदिरों का पुनर्निर्माण, तीर्थस्थलों का विकास और धार्मिक परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य प्राथमिकता से नहीं किया गया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह बदल रहा है। सोमनाथ मंदिर का भव्य विकास, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ये सब भारत के गौरव को पुनर्स्थापित करने के कदम हैं।
कर्मवीर सिंह का युवाओं के लिए संदेश
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने रांची पहाड़ी पर पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक और पूजन आरती किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत का परिचय जानना आवश्यक है। यह बेहद महत्वपूर्ण संदेश है।
कर्मवीर सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि हमारे पूर्वजों ने किन कठिनाइयों का सामना किया। सोमनाथ मंदिर की कहानी केवल इतिहास नहीं है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है। युवाओं को यह समझना चाहिए कि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इन्हें संजोना हमारी जिम्मेदारी है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ऐतिहासिक एकता का प्रतीक
रांची के पिस्का मोड़ स्थित शिव मंदिर में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने देवाधिदेव महादेव की पूजा, अर्चना एवं आरती की। उन्होंने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण के साक्षी बन रहे हैं।
संजय सेठ ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी ऐतिहासिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थितियां रही हों भारतीय लोग अपनी आस्था और संस्कृति के प्रति समर्पित रहे हैं।
इस अवसर पर रांची के विधायक सीपी सिंह, महानगर भाजपा अध्यक्ष वरुण साहू, सत्यनारायण सिंह, सुखदेव नगर मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, पंडरा मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडा, निवर्तमान वार्ड पार्षद अशोक यादव सहित सैकड़ों शिवभक्त उपस्थित थे।
विशेष स्वच्छता अभियान
विश्व के प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली एक हजार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा हैदरनगर मंडल की ओर से क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया और विधिवत पूजा अर्चना की गई।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर मंदिर परिसर की सफाई की और भगवान शिव की विशेष आरती की। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह का माहौल देखा गया। यह दिखाता है कि भाजपा ने इस कार्यक्रम को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं बल्कि वास्तविक आस्था के साथ मनाया।
शिव शक्ति धाम मंदिर में ओमकार मंत्र का जाप
स्वाभिमान सोमनाथ पर्व 2026 के तहत शनिवार को स्थानीय सूदना स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पूजा अर्चना करते हुए ओमकार मंत्र का जाप किया। सांसद ने बताया कि सोमनाथ मंदिर की अखंडता को अडिग रखने के लिए यह कार्यक्रम पूरे देशभर के अधिकांश शिवालयों में जन सहभागिता के साथ मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर में सहस्त्र संकल्प यात्रा का आयोजन किया जाएगा और वर्ष भर मनाए जाने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की घोषणा की जाएगी।
सोमनाथ मंदिर का इतिहास
सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर इसे ध्वस्त कर दिया था। वर्ष 2026 में इस आस्था और सभ्यता के महान प्रतीक पर किए गए बर्बर आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 1000 वर्षों के उतार चढ़ाव के बावजूद यह मंदिर आज भी अपनी भव्यता और गौरव के साथ खड़ा है।
सोमनाथ मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। इस मंदिर का उल्लेख प्राचीन हिंदू ग्रंथों में मिलता है। कहा जाता है कि मूल मंदिर का निर्माण स्वयं चंद्रदेव ने किया था।
इतिहास में दर्ज है कि सोमनाथ मंदिर पर कई बार आक्रमण हुए। महमूद गजनी का आक्रमण सबसे विनाशकारी था। लेकिन हर बार मंदिर को फिर से बनाया गया। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण किया गया। आज यह भव्य मंदिर भारतीय स्थापत्य कला और आस्था का अद्भुत नमूना है।
Jharkhand News: राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल झारखंड में नहीं बल्कि पूरे देश में मनाया जा रहा है। भाजपा ने इसे एक राष्ट्रीय आयोजन का रूप दिया है। 11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें सहस्त्र संकल्प यात्रा की शुरुआत होगी।
यह पूरा आयोजन भाजपा की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा को दर्शाता है। पार्टी चाहती है कि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े और भारतीय सभ्यता के गौरवशाली इतिहास को समझे।
निष्कर्ष: झारखंड में भाजपा द्वारा मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आस्था और स्वाभिमान का उत्सव था। बाबूलाल मरांडी और अन्य नेताओं के बयान इस बात को रेखांकित करते हैं कि सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा है। इसकी पुनर्स्थापना के 1000 वर्ष पूरे होना भारतीय सभ्यता की अजेयता का प्रमाण है। यह आयोजन भाजपा के लिए केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का है।



