Top 5 This Week

Related Posts

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन, डेढ़ महीने से चल रहा था इलाज

झारखंड की राजनीति में एक अहम चेहरा और आदिवासी आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे और पिछले डेढ़ महीने से उनका इलाज चल रहा था। बताया गया है कि वे किडनी संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे थे।

राज्यभर में शोक की लहर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा,”आज मैं खुद को बेहद असहाय और खाली हाथ महसूस कर रहा हूँ। गुरुजी (शिबू सोरेन) ने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है।”

राज्य सरकार ने शिबू सोरेन के सम्मान में सात दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान झारखंड में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी भी तरह के सरकारी समारोहों का आयोजन नहीं किया जाएगा।

शिबू सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, झामुमो और विपक्षी दलों के कई नेताओं ने गहरा शोक जताया है। सभी ने उन्हें झारखंड की आत्मा और आदिवासी समाज की आवाज बताया।

राजनीति में उनका योगदान

शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को तत्कालीन बिहार राज्य के हजारीबाग जिले के नेमरा गांव में हुआ था। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की स्थापना कर आदिवासी हकों की लड़ाई को संगठित किया। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में मंत्री पद भी संभाला।

उनके निधन को झारखंड की राजनीति में एक युग का अंत कहा जा रहा है। लंबे समय तक संघर्ष, जेल यात्रा और जमीन से जुड़े आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने खुद को ‘गुरुजी’ के रूप में स्थापित किया।

झारखंड सरकार और झामुमो पार्टी की ओर से शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को रांची लाने की तैयारी की जा रही है। अंतिम संस्कार की तिथि और स्थान की आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।

ये भी पढ़ें: हैदराबाद में महिला ने पांचवीं मंज़िल से लगाई छलांग, भगवान से मिलने के लिए की आत्महत्या

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles