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Gujarat Bridge Collapse: गुजरात में गंभीरा ब्रिज ढहा, 9 की मौत, कई वाहन महिसागर नदी में गिरे

Gujarat Bridge Collapse: गुजरात के वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला गंभीरा ब्रिज बुधवार सुबह अचानक ढह गया। इस भयानक हादसे में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। कई वाहन महिसागर नदी में जा गिरे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर दिया। यह हादसा सुबह करीब 8 बजे वडोदरा के पादरा इलाके में हुआ।

Gujarat Bridge Collapse: हादसे का पूरा विवरण,क्या हुआ?

गंभीरा ब्रिज, जो महिसागर नदी पर बना है, सुबह के समय अचानक टूट गया। उस समय ब्रिज पर कई वाहन गुजर रहे थे, जिनमें ट्रक, टैंकर और कारें शामिल थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ब्रिज के टूटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों में लोग डर गए। एक टैंकर ब्रिज के टूटे हिस्से पर लटक गया, जबकि कई वाहन नदी में डूब गए। इस हादसे ने सौराष्ट्र और मध्य गुजरात को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण रास्ते को पूरी तरह बाधित कर दिया।

बचाव कार्य और सरकार की प्रतिक्रिया

हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने नदी में फंसे लोगों को निकालने के लिए नावों और गोताखोरों की मदद ली। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस हादसे पर दुख जताया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने घायलों के लिए मुफ्त इलाज और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया। सड़क और भवन विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने बताया कि विशेषज्ञों की एक टीम हादसे की वजह जानने के लिए जांच कर रही है।

अधिकारी ने बताया कि राज्य राजमार्ग के किनारे महिसागर नदी पर स्थित गंभीरा पुल सुबह करीब साढ़े सात बजे ढह गया।

ब्रिज की स्थिति, क्यों हुआ हादसा?

गंभीरा ब्रिज, जो 1985 में बनाया गया था, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के बीच भारी वाहनों के लिए अहम रास्ता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ब्रिज काफी पुराना था और इसकी मरम्मत की मांग सालों से की जा रही थी। शुरुआती जांच में भारी बारिश और रखरखाव की कमी को हादसे का कारण बताया जा रहा है। हालांकि, पूरी सच्चाई विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।

जनता का गुस्सा, सरकार पर सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोग और विपक्षी नेता सरकार पर गुस्सा जता रहे हैं। कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने कहा कि सरकार ने ब्रिज की मरम्मत की मांगों को अनदेखा किया। लोगों का मानना है कि अगर समय पर कार्रवाई की जाती, तो यह हादसा रोका जा सकता था।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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