डेस्क – जापान के सेंट्रल हिस्से में एक फैक्ट्री में चाकू से हमले के बाद 15 लोग घायल हो गए, जब एक अनजान लिक्विड भी स्प्रे किया गया, स्थानीय मीडिया ने बताया। शुक्रवार को सेंट्रल जापान में एक टायर फैक्ट्री में आठ लोगों को चाकू मारा गया और सात लोग ब्लीच से घायल हो गए।
घटना कैसे हुई?
मिशिमा शहर में योकोहामा रबर कंपनी की फैक्ट्री में दोपहर बाद करीब 4:30 बजे यह हमला हुआ। स्थानीय फायर डिपार्टमेंट को एक इमरजेंसी कॉल आई, जिसमें बताया गया कि फैक्ट्री में किसी ने पांच-छह लोगों पर चाकू से हमला किया है और स्प्रे जैसा कोई तरल पदार्थ भी छिड़का है। हमलावर ने पहले लोगों की आंखों में एक केमिकल स्प्रे किया, जिससे आंखों में जलन हुई और लोग बचाव नहीं कर पाए। माना जा रहा है कि यह स्प्रे ब्लीच जैसा था, जो त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचाता है। इसके बाद उसने सर्वाइवल नाइफ से लोगों पर वार किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, आठ लोगों को चाकू से गंभीर चोटें आईं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सात अन्य लोग स्प्रे से घायल हुए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन शुक्र है कि सभी होश में हैं। फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी तोमोहारू सुगियामा ने बताया कि 15 लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी अचानक हुए इस हमले से डर गए और इधर-उधर भागने लगे।
हमलावर कौन था?
पुलिस ने हमलावर को 38 साल का एक व्यक्ति बताया है। उसे हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह गैस मास्क पहने हुए था और उसके पास एक बड़ा सर्वाइवल चाकू था। कुछ सूत्रों के अनुसार, उसका फैक्ट्री से कोई पुराना संबंध हो सकता है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। हमले का मकसद अभी साफ नहीं है। पुलिस पूछताछ कर रही है। हमलावर ने फैक्ट्री परिसर में ही आत्मसमर्पण जैसी स्थिति में खुद को पकड़वाया।
फैक्ट्री और इलाके की स्थिति
योकोहामा रबर कंपनी ट्रक और बसों के टायर बनाती है। यह फैक्ट्री मिशिमा शहर में है, जो टोक्यो से पश्चिम में शिजुओका प्रांत में स्थित है। घटना के बाद फैक्ट्री को खाली करा लिया गया और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। आसपास के लोग डरे हुए हैं, लेकिन पुलिस ने कहा कि अब कोई खतरा नहीं है।जापान में बंदूकों पर सख्त कानून हैं, इसलिए चाकू से हमले कभी-कभी सामने आते हैं। हाल के वर्षों में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं, जैसे 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या या अन्य रैंडम चाकू हमले। लेकिन फैक्ट्री जैसी जगह पर ऐसा हमला दुर्लभ है।
घायलों की हालत और राहत कार्य
घायलों में ज्यादातर फैक्ट्री के कर्मचारी हैं। आठ को चाकू की चोटें लगीं, जिनमें से पांच की हालत सीरियस है। बाकी स्प्रे से प्रभावित हुए, जिन्हें आंखों और त्वचा की जलन हुई। सभी को पास के अस्पतालों में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से जान को खतरा नहीं है। राहत टीमों ने तुरंत काम शुरू किया। एम्बुलेंस की लंबी कतार लगी और पुलिस ने सीन को सील कर दिया।
जापान में हिंसा की बढ़ती चिंता
जापान दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक है। यहां हत्या की दर बहुत कम है। लेकिन पिछले कुछ सालों में चाकू से रैंडम हमले बढ़े हैं। 2023 में एक व्यक्ति को चार लोगों की हत्या के लिए मौत की सजा हुई थी। मई 2025 में टोक्यो मेट्रो में भी चाकू हमला हुआ था। ऐसे हमलों से लोग चिंतित हैं कि मानसिक स्वास्थ्य या नौकरी के तनाव से ऐसे सिरफिरे लोग हिंसा पर उतर आते हैं। सरकार बच्चों और सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा बढ़ाने पर विचार कर रही है।
निष्कर्ष :
यह घटना जापान के लिए एक झटका है। एक सामान्य फैक्ट्री में काम कर रहे लोग अचानक मौत के मुंह में पहुंच गए। शुक्र है कि कोई मौत नहीं हुई, लेकिन घायलों की तकलीफ और डर बहुत बड़ा है। पुलिस को जल्दी हमले की वजह पता करनी चाहिए ताकि आगे ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें। जापान जैसे शांत देश में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उम्मीद है घायल जल्दी ठीक हो जाएं और समाज फिर से सामान्य हो जाए। यह घटना हमें सिखाती है कि हिंसा कहीं भी हो सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।



